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पाथाखेड़ा में पानी की टंकी के लिए वन विभाग ने नहीं दी मंजूरी, जारी काम भी करा दिया बंद

शहर में पानी लाने के लिए नगर पालिका ने 90 करोड़ रुपए से ज्यादा की जल परियोजना तैयार की है। इस पर काम करीब पूरा हो गया...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 05:00 AM IST
शहर में पानी लाने के लिए नगर पालिका ने 90 करोड़ रुपए से ज्यादा की जल परियोजना तैयार की है। इस पर काम करीब पूरा हो गया है। मगर, वन विभाग की जमीन पर टंकी बनाने और पाइप लाइन बिछाने जैसे मुख्य कार्य की अनुमति ही नहीं मिली है। इस कारण पाथाखेड़ा में टंकी का निर्माण रुका हुआ है। योजना में वन विभाग की काफी जमीन का उपयोग होना है। निर्माण कंपनी का भी इस ओर ध्यान नहीं है। कंपनी ने भी पेटी कांट्रेक्टर्स को टंकी बनाने के टेंडर दे रखे हैं। एेसे में काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

नपा ने तवा नदी से शहर में पानी सप्लाई करने योजना तैयार की है। योजना के लिए केंद्र व राज्य सरकार के अलावा नपा 90 करोड़ खर्च करेगी। मगर, शुरुआत में ही योजना दिक्कत में आ गई है। नपा एक साथ सभी 36 वार्डों में पानी सप्लाई करने की तैयारी कर रही है। इसमें डब्ल्यूसीएल क्षेत्र के वार्ड भी हैं। नपा खदानों में काम करने वाले डब्ल्यूसीएल के कर्मचारियों और अधिकारियों काे भी इस योजना के तहत पानी देगी। इसके लिए उनके क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के लिए नपा ने लिखित रूप से अनुमति ली है। पिछले साल 17 मई को ही पावर जनरेटिंग कंपनी ने नगर पालिका को अनुमति दी है। वन विभाग की ओर का काम पेंडिंग पड़ा है।

सारनी। नगर पालिका की पेयजल योजना का काम चल रहा है, दूसरी ओर शहर के लोग किराए के टैंकर से पानी भर रहे हैं।

शहर में 91 किमी क्षेत्र में बिछेगी पाइप लाइन

नगर पालिका डब्ल्यूसीएल के पाथाखेड़ा ड्रिलिंग कैंप स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास अपना ट्रीटमेंट प्लांट और टंकी बनाकर इससे शहर में पानी सप्लाई करने की तैयारी कर रही है। इसी के लिए अनुमति भी ली गई है। पूरे शहर में करीब 91 किमी हिस्से में पाइप लाइन फैलाने की योजना है।

सारनी में ही करेंगे मटेरियल का टेस्ट

नपा निर्माण कार्यों की जांच सारनी में ही करेगी। क्यूब टेस्ट और निर्माण सामग्री की जांच भी लैब में करेगी। नगर पालिका के एई और उपयंत्री मिलकर जांच करेंगे। इसके सैंपल दोबारा जांच के लिए बैतूल की आरईएस लैब में जाएंगे। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधरेगी।

फैक्ट फाइल



वन विभाग से पत्राचार चल रहा है


छतरपुर गांव की पेयजल समस्या निबटाने पहुंचे सीजीएम, केरिया को मिला पानी

सारनी। छतरपुर में सीजीएम उदय कावले सर्वे करते हुए।

सारनी| ग्राम पंचायत छतरपुर में वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के सीजीएम यूके कावले ने सर्वे कर पेयजल समस्या से निबटने के उपाय बताए। समाजसेवी सुनील सरियाम ने बताया छतरपुर पंचायत डब्ल्यूसीएल के अधीनस्थ गांव में शामिल है। इसमें पानी की समस्या को लेकर शुक्रवार को एरिया मैनेजर एके रॉय ने सर्वे किया था। इसके बाद शनिवार को सीजीएम भी पहुंचे। सीजीएम के साथ दल ने प्रारंभिक रूप से कुछ मुद्दों पर चर्चा की। तवा नदी के समीप कूप द्वारा पाइप लाइन बिछाकर केरिया गांव में पानी सप्लाई होगी। इस पर जितनी भी लागत लगेगी उसका वहन प्रबंधन करेगा। वहीं छतरपुर-2 खदान में पानी के लिए पाइप की लागत ज्यादा है इसलिए सहमति नहीं बनी है। अगर पाइप लाइन की व्यवस्था होती है तो लगभग 50 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। इसके लिए अब ग्रामीण कलेक्टर से मिलेंगे। शनिवार को पीएचई विभाग से तीन बोरों का खनन किया है। तीनों बोर का पानी टंकी में जमा कर सप्लाई किया जाएगा। शनिवार को मिली दोहरी सौगात से ग्रामीणों में खुशी है। दौरे में सब एरिया छतरपुर, एरिया एपीएम राजेश नायर, सरपंच सुंदर कुमरे, देवकराम काकोडिया, दिलीप वरकडे, शिवदीन सरियाम, धनराज आदि उपस्थित थे।