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नपा के पास शहर में जमीन नहीं, वन विभाग ने जंगल में कचरा डालने पर लगाई रोक

स्वच्छ भारत मिशन में शहर को नंबर वन बनाने के प्रयासों में जुटी नगर पालिका मुश्किल में आ गई है। नगर पालिका के पास...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 13, 2018, 06:05 AM IST

नपा के पास शहर में जमीन नहीं, वन विभाग ने जंगल में कचरा डालने पर लगाई रोक
स्वच्छ भारत मिशन में शहर को नंबर वन बनाने के प्रयासों में जुटी नगर पालिका मुश्किल में आ गई है। नगर पालिका के पास कचरा रखने तक को जगह नहीं है। अभी तक नगर पालिका आस-पास के क्षेत्रों में कचरा इकट्ठा कर रही थी। मगर, अब वन विभाग ने पूरी तरह से कचरा इकट्ठा करने पर रोक लगा दी है। इसके बाद नपा परेशानी में आ गई है। स्थिति यह है घरों से कचरा इकट्ठे करने वाले टीपर भी नपा को बंद करने पड़े हैं। नपा के अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में जुटे हैं।

शहर के सभी वार्डों से नगर पालिका कचरा उठाने का काम करती है। इसके लिए नपा ने ट्रैक्टर-ट्रॉली भी लगाकर रखी है। इसके अलावा 10 हाइड्रोलिक टीपर चलाए जाते हैं। घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने का काम चल रहा था। नपा आस-पास के क्षेत्रों में कचरा डालकर इसका निबटान कर रही थी, लेकिन परेशानी वन विभाग के एक पत्र ने खड़ी कर दी है। दरअसल, शहर के आस-पास वन विभाग का रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र है। ऐसे में यहां कचरा इकट्ठा करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। कुछ वार्डों के लोगों ने भी वन भूमि पर कचरा फेंकने और प्रदूषण फैलाने की शिकायत वन विभाग के अधिकारियों से की थी। इसके बाद वन विभाग ने नोटिस जारी कर नपा को कचरा नहीं फेंकने को कहा है। नपा की परेशानी अब यह है कि वह शहर का कचरा आखिर कहां फेंके। इस कारण नपा ने कचरा इकट्ठा करने वाले टीपर फिलहाल बंद कर दिए हैं। केवल सफाई कर कचरा जगह-जगह इकट्ठा भर किया जा रहा है।

सारनी। पाथाखेड़ा के बाजार क्षेत्र में इस तरह कचरा फैला हुआ है।

चोरपांढारा की जमीन अभी तक नहीं हुई हस्तांतरित

नपा को जिला प्रशासन ने चोरपांढरा गांव के पास की जमीन दी थी। नपा ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर इसकी प्रक्रिया भी की थी, लेकिन अभी तक यह जमीन नपा को हैंडओवर नहीं हुई है। करीब 25 एकड़ जमीन पर ट्रेंचिंग ग्राउंड बनना था। बताया जा रहा है इसमें से कुछ जमीन अब औद्योगिक क्षेत्र विकास के लिए दे दी है। यानी यहां भी जमीन की कमी है। परेशानी यह है कि शहर के आस-पास वन विभाग, डब्ल्यूसीएल, पावर जनरेटिंग कंपनी की जमीन है।

डब्ल्यूसीएल और सतपुड़ा प्रबंधन से मांगी मदद

बोले कचरा तो सारे शहर का है

नगर पालिका ने वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड और पावर जनरेटिंग कंपनी के सतपुड़ा प्रबंधन से भी कचरा निष्पादन के लिए मदद मांगी है। सारनी के 13 में से 11 वार्ड पावर जनरेटिंग कंपनी की जमीन पर हैं। उनके कर्मचारी यहां रहते हैं। वहीं पाथाखेड़ा और शोभापुर में अधिकतर क्षेत्रों में डब्ल्यूसीएल के कर्मचारी रहते हैं। पाथाखेड़ा के 16 और शोभापुर के 8 वार्डों में भी करीब डब्ल्यूसीएल कर्मचारी रहते हैं। नपा ने पत्र में लिखा है। कचरा सारे शहर का है इसलिए दोनों प्रबंधनों को इसमें मदद करनी चाहिए।

सफाई के लिए पार्षदों का दबाव, शिकायतें पेंडिंग

कचरा इकट्ठा करने के लिए जमीन नहीं होने के बाद नगर पालिका परेशानी में आ गई है। सभी 36 वार्डों के पार्षद सफाई के लिए आवेदन, निवेदन कर रहे हैं। शिवरात्रि और होली त्योहार के पहले सभी क्षेत्रों में सफाई की मांग आ रही है। अभी सफाई ताे हो रही है, लेकिन कचरा मोहल्ले में ही पड़ा है। इससे ज्यादा परेशानी हो रही है।

नई जगह की तलाश कर रहे हैं

कचरा रखने के लिए जमीन की कमी है। इसलिए टीपर बंद किए हैं। गीला कचरा इकट्ठा कर इससे खाद बनाई जा रही है, लेकिन सूखा कचरा रखने को जगह नहीं है। नपा ने राजस्व विभाग से भी जमीन मांगी है। जल्द ही इस मामले में निर्णय लेकर कचरा उठाव शुरू किया जाएगा। सभी क्षेत्रों में बराबर सफाई के निर्देश दिए हैं। कमल किशोर भावसार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नपा सारनी

शिकायत पर लगाई रोक

लोगों ने वन विभाग को लिखित आवेदन देकर कचरा फेंके जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। इसी आधार पर पहले नपा को मौखिक और बाद में पत्र लिखकर वन क्षेत्रों में कचरा फेंकने से मना किया है। इससे वनों को नुकसान तो होता ही है साथ ही रिहायशी इलाके में कचरा उड़कर जाने से प्रदूषण फैलता है। इसे सख्ती से लागू किया है। सुदेश महिवाल, एसडीओ, फारेस्ट सारनी

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