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अंधेरा देख भड़कीं नपाध्यक्ष, पूछा : सामग्री सुधारने लाते हैं तो जाती कहां है

शहर में स्ट्रीट लाइट के लिए करोड़ों खर्च करने और हर महीने लाखों का बिजली बिल देने के बाद भी सड़कें अंधेरे में हैं। इसे...

Danik Bhaskar | Feb 16, 2018, 06:10 AM IST
शहर में स्ट्रीट लाइट के लिए करोड़ों खर्च करने और हर महीने लाखों का बिजली बिल देने के बाद भी सड़कें अंधेरे में हैं। इसे लेकर नगर पालिका अध्यक्ष आशा भारती ने खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा फिटिंग सुधरने आती है तो दाेबारा पोल पर नहीं चढ़ पाती। आखिर ये जाती कहा है। यदि ऐसा ही रहा तो नई लाइट और पार्ट्स खरीदने में ही नपा साल बीता देगी। शाखा प्रभारी को उन्होंने तीन दिनों में सारी लाइट्स स़ुधारने के कड़े निर्देश दिए।

नगर पालिका ने सारनी से बगडोना के बीच करीब 10 किमी क्षेत्र में 2 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर स्ट्रीट लाइट लगवाए हैं। मगर, इनमें से आधे तो बंद ही रहते हैं। मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष आशा भारती ने जब इसकी जानकारी ली तो विद्युत शाखा प्रभारी श्रीपत काटोलकर ने सारी लाइट्स चालू होने की मौखिक जानकारी दे दी। इस पर नपाध्यक्ष भड़क गईं। उन्होंने कहा बीती रात उन्होंने खुद सर्वे किया। आधी लाइट्स बंद हैं। इनका बराबर सुधार नहीं हो रहा। उन्होंने कहा शाखा प्रभारी उन्हें बाइक पर लेकर चलें और व्यवस्था दिखा दें। इसके बाद काटोलकर ने जल्द इन्हें सुधारने का कहा। दरअसल, नपा हर महीने 8 से 10 लाख रुपए का बिजली बिल वितरण कंपनी को देती है। इसके बाद भी 40 से ज्यादा शिकायतें रोज आती हैं। खंभे से उतरने वाली फिटिंग गायब होने की शिकायतों से भी वे नाराज थीं। उन्होंने कहा तीन दिनों में शहर के सभी 36 वार्डों की व्यवस्था सुधर जानी चाहिए।

सारनी। नपाध्यक्ष के निर्देश के बाद स्टेट हाईवे पर बगडोना-सारनी के बीच लाइन का सुधार किया।

3 महीने पहले दिए थे दमुआ रोड पर लाइट लगाने के निर्देश

नपा अध्यक्ष ने तीन महीने पहले शहर के वार्ड 10 में दमुआ रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन यहां लाइट्स नहीं लग पाए। नपा अध्यक्ष आशा भारती ने कहा दिए निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। इस सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। वार्ड 10 में सुविधाओं का विस्तार करने के लिए उसे गोद लिया गया है। यहां स्ट्रीट लाइट लगाना जरूरी है। दमुआ नाके से जय स्तंभ चौक का सर्वे करने के लिए निर्देशित किया।

लाइट लगने का कर रहे इंतजार

विद्युत विभाग के पास 6 कर्मचारी हैं। दो स्काई लिफ्ट हैं। मगर, वार्डों में 15 से 20 दिनाें तक सुधार नहीं हुआ। सभापति और वार्ड 6 की पार्षद शकुंतला पाटिल के वार्ड में 15 दिनों से लाइट नहीं लगे। उन्होंने इसके लिए सीएमओ को पत्र दिया था। कई वार्डों के पार्षदों ने आवेदन दिए हैं, लेकिन लाइट्स नहीं लगे। एक दिन में 8 से 10 स्थानों की फिटिंग सुधर पाती है।


लाइट लगाने के लिए भी तीन एजेंसिंयां

नगर पालिका अकेले शहर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं देखती। यहां अन्य कामों की तरह पावर जनरेटिंग कंपनी, डब्ल्यूसीएल प्रबंधन भी अपने क्षेत्रों में व्यवस्था देखता है। डब्ल्यूसीएल तो अपने खंभों पर नपा को स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगाने देता। वहीं पावर जरनरेटिंग कंपनी का खुद नगर सुधार विभाग है। ऐसे में काम उलझ जाता है। नपा की कई फिटिंग दोनों विभागों के पास भी है। पाथाखेड़ा के कई हिस्सों में इसलिए स्ट्रीट लाइट नहीं लगे, क्योंकि डब्ल्यूसीएल ने फिटिंग उतार दी थी।