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वेरीफिकेशन में नो यूनियन का आंकड़ा बढ़ा

सीटू के सदस्य कर रहे नो यूनियन से सदस्यता भास्कर संवाददाता | सारनी श्रमिक संगठनों के सदस्यता सत्यापन का क्रम...

Danik Bhaskar | Jan 14, 2018, 06:25 AM IST
सीटू के सदस्य कर रहे नो यूनियन से सदस्यता

भास्कर संवाददाता | सारनी

श्रमिक संगठनों के सदस्यता सत्यापन का क्रम पाथाखेड़ा में चल रहा है। तीसरे दिन तक सत्यापन का काम हुआ। इसमें 2839 श्रमिकों का वेरीफिकेशन हुआ। इस बार पिछले साल से करीब दोगुना आंकड़ा नो यूनियन का है। यानी यह चिंताजनक है। इसे लेकर मैदान में चैक ऑफ सिस्टम से वेरीफिकेशन कर रही दो यूनियनों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि मैदान से दो अन्य बड़ी यूनियनें हटने के बाद उनके लिए यह आसान टास्क है।

न्यायालय में विवाद के कारण सबसे बड़ी मानी जाने वाली इंटक यूनियन और पिछले साल दूसरे नंबर पर रही एचएमएस यूनियन सदस्यता अभियान से करीब बाहर है। बीएमएस और एटक यूनियन ही चैक ऑफ सिस्टम के तहत वेरीफिकेशन कर रही है। पाथाखेड़ा में 11 से 17 तक वेरीफिकेशन होगा। सोमवार से फिर वेरीफिकेशन होगा। बीएमएस यूनियन के लिए करीब 1120 और एटक यूनियन करीब 806 सदस्यों का वेरीफिकेशन हो चुका है। जबकि नो यूनियन में 918 लोगों ने सहमति जताई है। पिछले साल यह 457 है। यूनियनों के पदाधिकारियों का मानना है कामगार को यूनियन की सदस्यता लेनी चाहिए चाहे वो कोई भी हो। बगैर यूनियन के वे अपने हक की लड़ाई नहीं लड़ सकेंगे। सीटू यूनियन के सदस्य भी नो यूनियन के तहत ही सदस्यता लेते हैं। इस यूनियन का चैक आॅफ सिस्टम नहीं है। दो यूनियन मैदान में नहीं होने के कारण सीटू का आंकड़ा भी बढ़ने की उम्मीद है।