• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Pathakheda News
  • कल से शुरू होगा ट्रेड यूनियनों का सदस्यता अभियान, फेस टू फेस होगा वेरीफिकेशन
--Advertisement--

कल से शुरू होगा ट्रेड यूनियनों का सदस्यता अभियान, फेस टू फेस होगा वेरीफिकेशन

श्रम संगठनों के बीच चल रहे आंतरिक विवाद के बाद कोर्ट के आदेश पर अब ट्रेड यूनियनों की दोबारा सदस्यता होगी। सदस्यता...

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 08:50 AM IST
श्रम संगठनों के बीच चल रहे आंतरिक विवाद के बाद कोर्ट के आदेश पर अब ट्रेड यूनियनों की दोबारा सदस्यता होगी। सदस्यता अभियान में वेरीफिकेशन लिखित नहीं बल्कि फेस टू फेस होगा। यानी उपस्थित सदस्य ही वेरीफिकेशन करा सकेंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली है। शुक्रवार से यह अभियान शुरू होगा।

सदस्यता अभियान के पहले चरण में बीएमएस और एटक दो ही संगठन मैदान में थे, लेकिन न्यायालय का फैसला आने और निर्देश के बाद कोल इंडिया को दोबारा सदस्यता अभियान और वेरीफिकेशन करना होगा। शुक्रवार से सदस्यता अभियान की रसीदें काटी जाएंगी। वहीं 12 अप्रैल से वेरीफिकेशन होगा। इंटक के पक्ष में में 31 जनवरी को उच्च न्यायालय का निर्णय आया था। इसके बाद डब्ल्यूसीएल मुख्यालय नागपुर से औद्योगिक संबंध कार्मिक के दिशा-निर्देशों अनुसार सभी कोयला क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधकों को पत्र लिखा है। 16 से 30 मार्च तक सदस्यता अभियान चलेगा। इसे 31 मार्च सुबह 10.30 तक अपने-अपने खदान और एरिया मुख्यालय में जमा करना होगा। इसी दिन प्रबंधन जांच कर नोटिस बोर्ड पर डबल या ट्रिपल सदस्यता वालों के नाम प्रदर्शित रहेंगे। ये 12 अप्रैल तक यहां लगाकर रखे जाएंगे। इसके बाद प्रबंधन 13 से 20 अप्रैल के बीच सत्यापन का कार्य करेगा। इस बार डबलिंग की जो लिस्ट नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित होगी उस पर संबंधित संघ के अध्यक्ष और सचिव के दस्तखत भी करने जरूरी होंगे। इस बार खास निर्देश दिए हैं जो सदस्य वेरीफिकेशन में उपस्थित नहीं होगा उसका लिखित वेरीफिकेशन मान्य नहीं होगा।

सारनी। चारों श्रमिक संगठन पाथाखेड़ा में सदस्यता अभियान शुरू करेंगे।

सरकार ने जेबीसीसीआई कमेटी की भंग, स्थाई कमेटी का गठन किया

कोल इंडिया में ज्वाइंट वाइपरटाइट कमेटी आफ कोल इंड्रस्ट्रीज यानी जेबीसीसीआई कमेटी को भंग कर दिया है। देश के तीन लाख से ज्यादा कोयला कामगारों का दसवां वेतन समझौता लागे करने के लिए उक्त कमेटी का गठन किया था। अक्टूबर 2017 में कोयला कर्मियों का वेतन समझौता लागू किया। इसके बाद सरकार ने इसे भंग कर दिया। इसकी जगह स्थाई कमेटी का गठन किया है। जेबीसीसीआई में 38 सदस्य थे, लेकिन इस कमेटी में काफी सीमित सदस्यों को शामिल किया है।

इधर, इंटक ने कहा कमेटी के गठन को लेकर विरोधाभास

इंटक के राष्ट्रीय महासचिव एसक्यू जमा ने कहा भारत सरकार ने जेबीसीसीआई 10 समाप्त कर दी है। यह पता नहीं चल पा रहा है यह निर्णय बीएमएस, एटक, एचएमएस और सीटू संगठनों की सहमति से हुआ या भारत सरकार की। दसवें वेतन समझौते के मुद्दे की चर्चा अब सीआईएल एपेक्स जेसीसी द्वारा गठित स्टेडराइजेशन कमेटी में की जाएगी। जेबीसीसीआई समाप्त कर एपेक्स जेसीसी द्वारा गठित समिति में चर्चा करने की वैधता और उपयोगिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। स्थाई या स्टैंडराइजेशन कमेटी एक ही है या अलग-अलग इसे लेकर विरोधाभास बना हुआ है। उन्होंने कहा इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए।

चार संगठन एकजुट, 16 अप्रैल को एक दिवसीय हड़ताल तय

केंद्र सरकार ने कामर्शियल कोल माइनिंग काे मंजूरी दी है। इसके विरोध में भारतीय मजदूर संघ, एटक, एचएमएस, सीटू के प्रतिनिधि एकजुट हो गए हैं। चारों ने मिलकर हड़ताल करने का निर्णय लिया है। एटक के महामंत्री श्रीकांत चौधरी ने बताया चारों यूनियन 16 अप्रैल को एक दिवसीय हड़ताल करेगी। पाथाखेड़ा में भी सभी कामगार मिलकर हड़ताल को सफल बनाएंगे। हड़ताल को लेकर यूनियनों ने कोल इंडिया प्रबंधन को नोटिस दे दिया है।