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चेक ऑफ सिस्टम से मिलेगा शुल्क

राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ ( इंटक) सदस्यता सत्यापन कर सकेगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंटक वेरीफिकेशन में...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 03:15 PM IST
राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ ( इंटक) सदस्यता सत्यापन कर सकेगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंटक वेरीफिकेशन में हिस्सा लेगी। बुधवार को पाथाखेड़ा में आयोजित एक वार्ता में महामंत्री दामोदर मिश्रा ने यह जानकारी दी। संघ ने प्रबंधन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। इस पर 30 जनवरी को ऐतिहासिक फैसला देकर संघ के पक्ष में बहाल कर दिया है। फैसले के अनुसार अब इंटक भी चेक ऑफ सिस्टम के तहत सदस्यता सत्यापन में शामिल होगी। क्षेत्रीय महामंत्री दामोदर मिश्रा ने कहा पाथाखेड़ा में संगठन ने प्रबंधन के पास निर्धारित तिथि में 2018 के लिए 3612 सदस्‍यता पर्ची जमा की थी। अब वे कानूनन संघ के सदस्य हैं। उनकी सदस्‍यता शुल्क प्रबंधन काटकर संघ को देगी। क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मो. आशिक खान एवं सुरेश पुरोहित ने बताया प्रबंधन को अब न्यायालय आदेशानुसार पुनः सदस्यता सत्यापन करना होगा। संघ से जुड़े अधिकतर कामगारों एवं कर्मचारियों ने इस वर्ष नो यूनियन कहकर 1800 से अधिक सदस्यता ली है। भारत सिंह ने कहा सत्य और न्याय की जीत होती है। क्षेत्रीय प्रवक्ता जीसी चौरे ने बताया केंद्र सरकार और इंटक विरोधी श्रमसंघों की कूटनीतिक चालों के कुचक्र में फंसे प्रबंधन ने इंटक को सभी स्तरों की बैठकों और उद्योग से बाहर करने हेतु आनन-फानन में सदस्यता सत्यापन जनवरी के प्रथम सप्ताह में सम्पन्न करवा लिया था। जबकि यह फरवरी मार्च में होता है।