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छोटे मठारदेव के कुएं में हर घंटे कम हो रहा पानी, अब नपा कर रही निगरानी

सारनी। पाथाखेड़ा के ड्रिलिंग कैंप में टैंकर से पानी बांटते हुए। भास्कर संवाददाता| सारनी शहर में पानी सप्लाई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 14, 2018, 05:35 AM IST

छोटे मठारदेव के कुएं में हर घंटे कम हो रहा पानी, अब नपा कर रही निगरानी
सारनी। पाथाखेड़ा के ड्रिलिंग कैंप में टैंकर से पानी बांटते हुए।

भास्कर संवाददाता| सारनी

शहर में पानी सप्लाई करने वाले छोटे मठारदेव के कुएं में अब हर घंटे पानी खत्म हो जा रहा है। स्थिति यह है कि नपा का एक टैंकर भरता ही नहीं और कुएं का पानी खत्म हो जाता है। इससे अब नगर पालिका की चिंता बढ़ गई है। गर्मी के बचे दिनों में पानी सप्लाई में संभावित परेशानी को देखते हुए नपा अब निजी जलस्रोत ढूंढने की तैयारी में है। वार्ड 10 स्थित छोटा मठारदेव के कुएं से सारे शहर में टैंकरों से पानी सप्लाई होती है। अब कुएं में पानी कम होने लगा है। यह पहला साल है जब इस कुएं के पानी की धार कम हुई है। नगर पालिका के इंजीनियर लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। पहले दो से तीन टैंकर पानी भरने के बाद पानी की कमी आती थी। मगर, अब हर घंटे पानी कम हो रहा है। कठिनाई यह है कि नपा के पास दूसरा स्रोत नहीं है। बुधवार को नगर पालिका ने जल परिवहन सेवा शुरू की है। निजी ठेकेदार निजी ही ट्यूबवेल से पानी सप्लाई कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी नगर पालिका के 6 टैंकर सतत पानी देने का काम कर रहे हैं। इसके बाद भी पानी की कमी है।

कुएं में पानी कम होने के कारण परेशानी तो हो रही है, लेकिन जल परिवहन के टेंडर होने से कुछ राहत है। हर वार्ड में पूरा पानी देने के निर्देश दिए हैं। टैंकर अलग-अलग समय पर भेजने के भी निर्देश हैं ताकि सभी को भरपूर पानी मिल सके। आशा भारती, अध्यक्ष नपा सारनी

ट्यूबवेल भी कम दे रहे पानी एक ही टाइम आ रहे नल

अब वार्डों के ट्यूबवेलों से भी एक समय ही पानी मिल रहा है। शहर में वार्ड 1, 2, 3, 4, 10, 16, 21, 30 में नपा पाइप लाइन के जरिए पानी देती है। वार्ड 1 में तो साल भर से एक टाइम 10 से 15 मिनट पानी मिल रहा था।

5 में से तीन ट्यूबवेल सूखे, दो ट्यूबेल से 6 हजार आबादी को 12 दिन में एक बार मिल रहा पानी

मुलताई। बिरूल बाजार में पीने के पानी के लिए टंकी पर लगती है कतार।

मुलताई| ग्राम बिरुल, जनसंख्या 6 हजार और पानी 12 दिन में एक बार मिल रहा है। क्षेत्र में जलसंकट ने है। नल जल योजना से ग्रामीणों को 12 दिन में एक बार पीने दिया जा रहा है। जल संकट के लिए ग्रामवासी पंचायत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है सार्वजनिक कुओं में पर्याप्त पानी है। कुओं की सफाई कर जल संकट पर नियंत्रण किया जा सकता है। ग्राम पंचायत इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। पारंपरिक जलस्रोतों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीण कमल डंडारे, शेख जलील खान, मनीष दोड़के, रामराव अलोने, मधु साहू ने बताया बाजार चौक के सार्वजनिक कुएं में पर्याप्त पानी है। ग्राम पंचायत इसकी सफाई नहीं करवा रही है। कुएं की सफाई होने से आधे गांव की पेयजल समस्या का समाधान हो सकता है। ट्यूबवेल सूखने का कारण बताकर पंचायत 12 से 15 दिन के अंतर से जलप्रदाय कर रही है। जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

चाहिए 5 लाख, मिल रहा 1.30 लाख लीटर पानी

गांव में पेयजल सप्लाई के लिए ग्राम पंचायत को रोजाना 5 लाख लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। ग्राम पंचायत की पेयजल व्यवस्था 5 ट्यूबवेल पर निर्भर है। जिसमें से तीन सूख गए है। दो ट्यूबवेल से एक से डेढ़ इंच पानी मिल रहा है। जिससे गांव में स्थित 65-65 हजार की दो पेयजल टंकी में पानी संग्रहित कर सप्लाई हो रहा है। गांव के छह हैंडपंप भी पूरी तरह से सूख गए है।

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