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बीएमएस और एटक को दोबारा करनी होगी सदस्यता

सारनी| इंटक यूनियन ने पाथाखेड़ा की विभिन्न खदानों में गेट मीटिंग का आयोजन किया। सारनी, शोभापुर, छतरपुर और आज तवा...

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 06:45 AM IST
सारनी| इंटक यूनियन ने पाथाखेड़ा की विभिन्न खदानों में गेट मीटिंग का आयोजन किया। सारनी, शोभापुर, छतरपुर और आज तवा खदान में गेट मीटिंग हुईं। इंटक गेट मीटिंग के माध्यम से कोयला श्रमिकों को 16 अप्रैल की हड़ताल और सदस्यता सत्यापन को लेकर जागरूक कर रही है। क्षेत्रीय अध्यक्ष आरके चीब ने सरकार द्वारा निजी कोयला खनन की अनुमति को गुलामी प्रथा का पुनरागमन और श्रमिकों का शोषण बताया। कार्यकारी अध्यक्ष मो. आशिक और सुरेश पुरोहित ने इंटक श्रमिकों के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाला संगठन बताया। महामंत्री दामोदर मिश्रा ने बताया नागपुर उच्च न्यायालय ने फिर एक बार अहम फैसला देते हुए एटक और बीएमएस की याचिका निरस्त की है। आदेश दिया दोनों संघों को पुनः सदस्यता सत्यापन में शामिल होना होगा। जबकि दोनों संघों ने प्रबंधन और न्यायालय से अनुरोध किया था पूर्व सत्यापित सदस्‍यता शुल्क राशि संगठन को दी जाए। इस मौके पर टीएससी भारत सिंह, प्रवक्ता जीसी चौरे, निजाद खान, महेंद्र यादव, सुमित अग्रवाल, श्याम यादव, खेमचंद जावरे, यासीन खान, भीमचंद सोलंकी, अशोक सेलकारी समेत अन्य ने संबोधित किया।

सीटू ने कहा तय यूनियन का नाम लें कामगार

सीटू यूनियन के जवाहर आंवलेकर और जितेंद्र निरापुरे ने कहा कामगार सत्यापन में अपनी तय यूनियन का नाम ही लें। यदि उन्होंने पहले सदस्यता ग्रहण कर ली है तो उन्हें संबंधित यूनियन का नाम ही लेना चाहिए। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कामगार ने सीटू की सदस्यता ली है, शुल्क दिया है। वेरीफिकेशन में दूसरे यूनियन का नाम लेता है तो उसका दोबारा शुल्क कट जाएगा। सदस्यता भी नहीं रहेगी।