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किसान आज निकालेंगे 12 किमी लंबा पैदल मार्च, ज्ञापन सौपंेगे

डोकरीखेड़ा डेम से लगे गांवाें के किसान डेम में सिंचाई के लिए पानी की कमी को लेकर परेशान हैं। भूजल स्तर गिर जाने से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:15 AM IST

डोकरीखेड़ा डेम से लगे गांवाें के किसान डेम में सिंचाई के लिए पानी की कमी को लेकर परेशान हैं। भूजल स्तर गिर जाने से क्षेत्र में ट्यूबबेल भी फेल हो रहे हैं। ऐसे में डोकरीखेड़ा डेम संघर्ष समिति ने किसानों को एकत्रित करके शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का निर्णय लिया है। किसान डेम में देनवा नदी का पानी पहुंचाने वाली प्रस्तावित योजना पर अमल चाहते हैं। हालांकि योजना का तकनीकी परीक्षण अभी चल रहा है। इसकी सफलता की संभावनाअों को सिंचाई विभाग तलाश रहा है। शुक्रवार को सुबह 9 बजे से ग्राम खैरीकलां से पिपरिया तक करीब 12 किमी पैदल मार्च डोकरीखेड़ा संघर्ष समिति सदस्य एवं किसान निकालेंगे। यहां मंगलवारा बाजार होते हुए फुटब्रिज से तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी को ज्ञापन देंगे। दरअसरल डेम बारिश आधारित है। जो कि बारिश होने पर ही भर पाता है। डेम में पानी एकत्रित ना होने होने के कारण यह क्षमता से आधा ही भर पाता है। पिछले 15-20 सालों से यही स्थित है। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। चूंकि विस चुनाव नजदीक हैं ऐसे में इस क्षेत्र के किसान भी अपनी मांग को मंगवाने के लिए किसानों को लामबंद किया जा रहा है।

प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे गजेंद्र सिंह पटेल, रमेश पटेल, मनोहर पटेल, प्रकाश चौधरी, राधे पटेल, सीताराम रघुवंशी अादि ने कहा भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है। जिससे इस इलाके में ट्यूबबेल भी फेल हैं। डोकरीखेड़ा डेम से करीब 15 गांवों के किसान जुड़े हैं। इस डेम में दो नहरें हैं। शहर से 12 किमी दूर स्थित डोकरीखेड़ा गांव के पास बने डेम की कुल क्षमता 12.64 मिलीयन क्यूविक मीटर (27 फीट) है। इस डेम से करीब 2500 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होती है। डेम करीब 60 साल पुराना है।

डेम को देनवा नदी से जोड़ने की मांग कर रहे हैं किसान

डोकरीखेड़ा डेम को छिर्रई गांव से निकली देनवा नदी से जोड़ने के लिए सिंचाई विभाग ने सर्वे किया है। योजना का तकनीकी परीक्षण चल रहा है। उसके बाद उस पर अमल हो सकेगा। विभिन्न तरह की तकनीकी जांच चल रही है। नदी में पानी की उपलब्धता पर भी परीक्षण होगा। करीब 100 करोड़ रुपए की योजना बनाकर सौंपी है। सिंचाई विभाग अधिकारी एसके रामावत ने बताया मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। प्राेजेक्ट रिपोर्ट बनाकर विभाग के भोपाल दफ्तर में भेज दी गई है।

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