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शहर की 59 अवैध कॉलाेनियां होंगी वैध, 28 करोड़ रुपए की लागत से होंगे विकास कार्य

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 04:20 AM IST

Raisen News - मुख्यमंत्री के आदेश से शहर में उन लोगों की परेशानियां दूर होने का रास्ता साफ हो गया है जो अवैध कॉलोनियों में रहने...

शहर की 59 अवैध कॉलाेनियां होंगी वैध, 28 करोड़ रुपए की लागत से होंगे विकास कार्य
मुख्यमंत्री के आदेश से शहर में उन लोगों की परेशानियां दूर होने का रास्ता साफ हो गया है जो अवैध कॉलोनियों में रहने से सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी समस्याओं का सामना कर रहे थे। शहर में अब ऐसी 59 कॉलोनियों को वैध कर वहां 28 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। वहीं 15 अगस्त तक सभी अवैध कॉलोनियों को वैध कर दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक शहर में 59 कॉलोनियां अवैध मानी गई हैं। अवैध होने से नगरपालिका भी यहां विकास के काम नहीं करवा पा रही थी, लेकिन अब इन कॉलोनियों को वैध करने का काम शुरू हो गया है। इतना ही नहीं प्राइमरी सर्वे के आधार पर इन कॉलाेनियों में पार्क,सड़कें, सीवेज लाइन सहित अन्य आवश्यक कामों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह प्रस्ताव 7 अप्रैल को नगरीय प्रशासन विभाग को भेजकर निर्माण कार्यों के लिए 28 करोड़ रुपए की मांग की जाएगी।

नगरपालिका अपने इंजीनियरों से अवैध कॉलोनियों का सघन सर्वे सोमवार से शुरू कराने वाली है।

नदी-तालाब के किनारे बनी कॉलोनियां नहीं होंगी वैध

पहले थीं ये परेशानियां

कॉलोनाइजरों ने प्लाट बेचकर वहां विकास कार्य नहीं कराए। इसके चलते अवैध कॉलानियों में लोग आधार भूत सुविधाओं को महरूम थे। उन्हें हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बारिश में सड़कें, गर्मियों में पानी और स्ट्रीट लाइट न होने से रात के समय सड़कों पर अंधेरा रहता था। इससे रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

59 कॉलोनियां हैं शहर में अवैध

यहां बनी कालोनियां वैध नहीं होंगी : तालाब, नदी-नालों के किनारे बसी काॅलोनियां जो नियमों के मुताबिक छोड़े गए ग्रीन बेल्ट पर बनी हुई हैं। इनके अलावा सरकारी जमीन पर काटी गई कालोनियां भी इसमें शामिल हैं। मास्टर प्लान में पार्क, ग्रीन लैंड आदि के लिए छोड़ी गई जगहों पर बन रही कालोनियां भी हमेशा अवैध की श्रेणी में रहेंगी।

कौन सी कॉलोनी होंगी वैध : पहले 31 दिसम्बर 2012 तक बन चुकी अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने की कार्रवाई की जानी थी, लेकिन अब 31 दिसंबर 2016 तक की कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई शुरू होगी।

7 दिनों में किया जाएगा सघन सर्वे

28 करोड़ रुपए की लागत से किए जाएंगे विकास कार्य

7 अप्रैल को शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव

सार्वजनिक स्थान पर निर्माण तो डेढ़ गुना जुर्माना

अवैध कॉलोनी से आशय यह है कि वहां पर मास्टर प्लान के अनुसार मुख्य मार्ग, पार्क, खेल का मैदान, सांस्कृतिक अस्तित्व क्षेत्र, नदी, तालाब, नाले, हरा भरा क्षेत्र, मंदिर, मनोरंजन के क्षेत्र में यदि कॉलोनाइजर ने निर्माण कराया है तो उसे वैध नहीं किया जाएगा। ऐसी कॉलोनियों में खुली भूमि न होने पर संबंधित ठेकेदार से डेढ़ गुना राशि वसूली जाएगी।

क्या होगी प्रक्रिया

कॉलोनी वैध किए जाने के दौरान भूमि संबंधी नजूल एनओसी, टीएंडसीपी अनुमति, निर्माण की अनुमति समेत संबंधित निकाय की एनओसी प्राप्त करनी होगी।

कितना खर्च -जिन अवैध कॉलोनियों में 10 फसीदी बसाहट हो और 70 फसीदी आबादी निम्न आय वर्ग की हो। वहां कॉलोनी वैध करने के बाद विकास कार्य के लिए रहवासियों से 20 फीसदी राशि ली जाएगी। बाकी 80 फीसदी राशि स्थानीय निकाय व राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाएगी।

विकास कार्य - कॉलोनियों के वैध होने के बाद उनमें विकास कार्य कराए जाने के लिए जनभागीदारी की राशि में सांसद,विधायक निधि को शामिल किया जा सकेगा।


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