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गर्मी से पहले पानी का संकट शुरू, 80 फीट गिरा भूजल स्तर, 25% बोर सूखे

जिले में कम बारिश के चलते अब पानी की कमी आने लगी है। हालात ये है कि कहीं दो दिन तो कहीं तीन दिनों में पानी की सप्लाई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 05:00 AM IST

गर्मी से पहले पानी का संकट शुरू, 80 फीट गिरा भूजल स्तर, 25% बोर सूखे
जिले में कम बारिश के चलते अब पानी की कमी आने लगी है। हालात ये है कि कहीं दो दिन तो कहीं तीन दिनों में पानी की सप्लाई हाे रही है। इसलिए पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसा भूजल स्तर गिरने के कारण स्थिति बनी हैं।

गैरतगंज और मंडीदीप में ट्यूबवेल सूखने के कारण शहरवासियों को पानी के लिए दो से तीन दिन बाद सप्लाई किया जा रहा है। 25 फीसदी से अधिक ट्यूबवेल सूख जाने और बाकी में पानी की कमी आ जाने के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं।

नगर परिषद गैरतगंज में 5 ट्यूबवेल सूख चुके हैं

क्या है स्थिति: नगर परिषद 20 ट्यूबवेल और 3 कुओं से नगर के 15 वार्डों में पानी की सप्लाई करती है। इनमें से 5 ट्यूबवेल पूरी तरह से सूख चुके हैं। वहीं बाकी में भी पानी की कमी आ गई है। इसके चलते जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। हालात ये है कि तीन दिन में एक बार जल सप्लाई हाे पा रही है। पानी की इस तरह की समस्या क्षेत्र में आम हो गई है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। आगामी दिनों में और भी स्थिति बिगड़ने की संभावना बनी हुई है।

कम बारिश के चलते जिले के तालाब भी 40 फीसदी खाली रह गए

समस्या के चलते रहवासी अभी से पानी के लिए होने लगे हैं परेशान।

जलावर्धन योजना अधूरी

पानी की कमी के ये हैं कारण पानी की समस्या तो हर साल ही आती हैं, लेकिन इस बार कुछ अधिक दिखाई दे रही है। ऐसा कम बारिश के कारण होना बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सामान्य औसत बारिश 132 सेमी की जगह 95 सेमी ही हुई है। इसके कारण जिले के तालाब भी 40 फीसदी खाली रह गए थे। बारिश के कमी के कारण भूजल स्तर भी 80 फीट तक गिरना बताया जा रहा है। इसके चलते हैंडपंप और ट्यूबवेल तेजी से सूख रहे हैं।

व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं

इस बार बारिश कम होने के कारण पानी की समस्या दिखाई देने लगी है। नगरपालिका, नगरपरिषद के सीएमओ और पीएचई अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कि वे ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़ें। भावना वालिंबे, कलेक्टर, रायसेन

अटकी है 70 करोड़ लागत वाली जलावर्धन योजना

नगर के लिए तीन साल से जलावर्धन योजना स्वीकृत पड़ी हैं। लेकिन उसका काम ही शुरु नहीं हो पा रहा है। 70 करोड़ की लागत से सेमरी जलाशय से नगर में पानी लाया जाना है। साथ ही नगर में पानी की टंकियां भी बनाई जाना हैं। लेकिन काम ही शुुरु नहीं हो पाया है। इसलिए सालों से ट्यूबवेल पर जल सप्लाई के लिए निर्भरता बनी हुई है।

नगरपालिका मंडीदीप- दो दिन छोड़कर जल सप्लाई

क्या है स्थिति-मंडीदीप में जल संकट की आहट शुरु हो गई हैं। यहां ट्यूबवेलों में पाइप लाइन बढ़ाकर साढ़े चार सौ से लेकर 5 सौ फिट गहराई से पानी खींचना पड़ रहा है। इतना ही नहीं शहर में दो दो दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। इससे शहरवासी परेशान हैं। जानकारी के मुताबिक 80 हजार की आबादी वाले शहर में 26 वार्ड हैं। इन वार्डों में 100 ट्यूबेवल से पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन भूजल स्तर गिरने से 30 से अधिक ट्यूबवेल सूख चुके हैं। बाकी में पानी की कमी आ गई हैं। मंडीदीप में पानी के हालात ये हैं कि यहां जनवरी महीने में ही पांच ट्यूबवेल सूख चुके थे।

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Web Title: गर्मी से पहले पानी का संकट शुरू, 80 फीट गिरा भूजल स्तर, 25% बोर सूखे
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