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पाइप लाइन पुरानी, रोज हो रहे लीकेज से आ रहा है गंदा पानी

शहर के वार्ड 16 में रहने वाले लाल मिया सहित कई घरों में छह महीने से नलों से गंदा पानी आ रहा है। इस कारण उनके परिजन और...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 05:05 AM IST
शहर के वार्ड 16 में रहने वाले लाल मिया सहित कई घरों में छह महीने से नलों से गंदा पानी आ रहा है। इस कारण उनके परिजन और बच्चे बीमार हो रहे हैं। गंदे पानी के कारण लाल मिया की साढ़े छह साल की बेटी के शरीर में सिर से पैर तक लाल फुंसियां उभर आईं। इससे उसके शरीर में खुजली चलती थी। लाल मिया ने स्थानीय अस्पताल में आमना का इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद भोपाल में पांच दिन रुककर लाल मिया ने अामना का इलाज कराया, तब जाकर उसे कुछ राहत मिली। अभी भी आमना के पूरे शरीर में निशान देखे जा सकते हैं। मोहल्ले में ही रहने वाली ग्यारसी बाई ने बताया की गंदे पानी के कारण हमारे घर के लोगों को कभी भी उल्टी-दस्त होने लगते हैं। रिजवान खान,अजय अहिरवार और मुन्नालाल अहिरवार के परिवार के सदस्य भी नलों से आने वाले गंदे पानी के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसी तरह जहां-जहां शहर में पुरानी लाइनों से पानी की सप्लाई की जा रही है,वहां-वहां गंदा पानी आने की अधिक समस्या आ रही है।

जिम्मेदार बोले -जहां गंदे पानी की समस्या वहां कराएंगे सुधार

यह है स्थिति

6500 से अधिक हैं शहर में नल कनेक्शन

500 नल कनेक्शन नई लाइन से हो पाए शिफ्ट

63 किलोमीटर लंबाई वाली बिछाई गई है डिस्ट्रीब्यूशन लाइन

नलों से गंदा पानी आने के तीन बड़े कारण

1. पुरानी लाइन में लीकेज : शहर में पुरानी पाइप लाइन 50 साल से भी अधिक पुरानी है। इस कारण लाइन में लीकेज होने से नलों से गंदा पानी आता है। लीकेज ढूंढ़ने में भी नगरपालिका के अमले को काफी मशक्कत करना पड़ती है।

2. फिल्टर प्लांट में भी आ रहा बदबूदार पानी : हलाली से पानी शहर के फिल्टर प्लांट में आता है। इसे साफ करने के बाद भी बदबू नहीं जाती और वही पानी शहर में सप्लाई किया जाता है। इसे पीने योग्य नहीं बनाया तो परेशानी होगी।

3. नहीं है खुद की जांच लैब: पानी के सैंपल की जांच के बाद ही सप्लाई किया जाना चाहिए, लेकिन दोनों फिल्टर प्लांट में लैब नहीं है। इससे पानी के सैंपल की जांच रोज नहीं हो पाती। नपा के मुताबिक सप्ताह में एक बार जांच होती है।

कराएंगे सुधार कार्य


चलने लगी थी खुजली

शहर में रहने वाले एक विभाग के आला अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे नल के पानी का उपयोग नहाने में करते थे। इसके चलते उनके शरीर में खुजली चलने लगी थी। कुछ दिन तो वे समझ ही नहीं पाए कि ऐसा क्यों हो रहा है, बाद में उन्होंने जब नल के पानी से नहाना बंद कर दिया तो कुछ दिन बाद उनकी त्वचा में सुधार आना शुरू हो गया।

दो साल पहले बिछाई पाइप लाइन- दो साल पहले जलावर्धन योजना के तहत 63 किलोमीटर लंबी डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन शहर में बिछाई गई है, लेकिन नई लाइन से शहर में अभी कनेक्शन कम ही हो पाए हैं। इसमें भी लीकेज की समस्या आ रही है।