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समय पर नहीं हो पा रहा पशुओं का इलाज

Raisen News - तहसील का एकमात्र पशु चिकित्सालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, एक सहायक पशुचिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के भरोसे पशु...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 05:05 AM IST
समय पर नहीं हो पा रहा पशुओं का इलाज
तहसील का एकमात्र पशु चिकित्सालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, एक सहायक पशुचिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के भरोसे पशु चिकित्सालय है। समय पर पशुओं को इलाज न मिलने से उनकी असमय मौत हो रही हैं। कहने को तो बरेली चिकित्सालय में एक पशु चिकित्सक डॉ. डीसी पयासी और दो सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी आरके नौरिया और बीएल भारके अस्पताल में पशुओं के इलाज के लिए पदस्थ हैं लेकिन अधिकतर एक ही सहायक पशु चिकित्सक क्षेत्राधिकारी आरके नोरिया ही अस्पताल में अपनी सेवाएं देते देखे जाते हैं। आलम यह है कि पशु चिकित्सालय में तहसील के 116 गांव के मवेशियों की चिकित्सा करने के लिए मात्र दो सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी और एक पशु चिकित्सक डॉ. पयासी हैं जिनके पास बरेली के साथ रायसेन का भी प्रभार है। बताते हैं कि सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी बीएल भारके बीएलओपी डयूटी कर रहे हैं। पशु चिकित्सक डॉ डीसी पयासी महीने में जिस दिन उनका मन होता है बरेली पशु चिकित्सालय आते हैं।

प्रभारी चिकित्सक के भरोसे पशु चिकित्सा : करीब 4 वर्षों से तहसील का एकमात्र पशु चिकित्सालय प्रभारी अधिकारी के हवाले है।

समस्या

तहसील के 116 गांव के मवेशियों की चिकित्सा करने के लिए मात्र दो सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी

ग्रामीण क्षेत्र में भी नहीं मिल रही सुविधा

मुख्य ग्राम इकाई खंड बाडी के अंतर्गत दस गांव खरगौन, भोंडिया, सलैया, महेश्वर, कोटपार, समनापुर, हरसिली, दिगवाड़, अमरावत और केमवाली में मुख्य ग्राम इकाई काम कर रही हैं। पर सलैया में बीएम धाकड़ और कोटपार मुख्य ग्राम इकाई में आरके गढ़वाल के अलावा आठों ग्रामों में कार्यरत मुख्य ग्राम इकाई में पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिनके चलते ग्रामवासियों को चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा और अपने पशुओं के इलाज के लिए इन्हे मजबूरी वश बाडी या बरेली के पशु चिकित्सालय पशुओं को लेकर आना पड़ता है।

दी गई है जानकारी


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