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परिजन बना रहे थे दाल-बाटी, बच्चे नहाते-नहाते चले गए गहरे पानी में

सोमवती अमावस्या पर स्नान करने सोडरपुर गांव से पहुंचे थे बोरास घाट भास्कर संवाददाता| रायसेन/उदयपुरा नर्मदा...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:25 AM IST
सोमवती अमावस्या पर स्नान करने सोडरपुर गांव से पहुंचे थे बोरास घाट

भास्कर संवाददाता| रायसेन/उदयपुरा

नर्मदा में रेत निकालने से कई जगह गड्ढे हो गए हैं। नदी के अंदर ये गड्ढे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। यही कारण है कि सोमवती अमावस्या पर गैरतगंज के सोडरपुर गांव के चार बच्चे नहाते समय नदी में डूब गए। इनमें से तीन बच्चों को वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया, लेकिन एक बच्चे की डूबने से मौत हो गई। पानी में डूबे तीनों बच्चों को बेहोशी की हालत में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां पर उनका इलाज चल रहा है। यह घटना सोमवार को सुबह 8.30 बजे की है।

गैरतगंज तहसील के सोडरपुर गांव से लोग सोमवती अमावस्या पर स्नान करने के लिए रात में ही ट्रैक्टर-ट्राली से नर्मदा के बोरास घाट पर आ गए थे। सुबह परिवार के लोग घाट पर दाल-बाटी बनाने में लग गए, तभी चार-पांच बच्चे परिजनों की नजरें बचाकर नदी में नहाने के लिए चले गए। बच्चों को पानी में डूबता देखकर वहां पर मौजूद लोगों ने तत्काल नदी में कूदकर इन बच्चों को पानी से बाहर निकाल लाए। सोडरपुर निवासी वैष्णवी पुत्री राजेश खंगार 8 साल, ऋषि पुत्र मुकेश खंगार 7 साल और 12 वर्षीय आयुष पुत्र मुंशीलाल खंगार को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यहां पर उनका इलाज चल रहा है।

नहाने गए 4 बच्चे नर्मदा में डूबे, 3 को बचाया, 1 की मौत

रेत के अवैध उत्खनन के कारण नदी में हो गए गहरे गड्‌ढे, जो जानलेवा साबित हो रहे हैं

तीन बजे मिला अनुज का शव

नर्मदा नदी में डूबे 12 वर्षीय अनुज पुत्र बुद्धालाल खंगार को खोजने के लिए गोताखाेर और पुलिस के जवान मशक्कत करते रहे। दोपहर तीन बजे अनुज का शव नदी के अंदर गड्ढे की रेत में दबा मिला। बच्चे का शव मिलने के बाद उसे पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुरा पहुंचाया गया। इस हादसे के बाद बच्चे के पिता बुद्धालाल का रो-रोकर बुरा हाल है। अनुज के पांच भाई-बहन हैं, जिसमें दो भाई और तीन बहने हैं। अनुज अपने बड़े पापा छोटेलाल और पिता बुद्धालाल के साथ नदी पर नहाने के लिए आया था।

स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती ऋषि खंगार

वैष्णवी खंगार


पहले भी हो चुके हैं बाेरास घाट पर हादसे, फिर भी नहीं ले रहे सबक

तीज त्योहारों पर बड़ी संख्या में लोग नर्मदा स्नान करने के लिए बाैरास घाट पर पहुंचते हैं। इस घाट पर कोई न कोई हादसा जरूर होता है। इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर न तो पुलिस प्रशासन सजग दिखाई देता है और न ही प्रशासनिक अधिकारी। बाैरास घाट पर लोग नदी के काफी अंदर तक चले जाते हैं, जिन्हें रोकने के लिए यहां पर कोई प्रबंध नहीं है। नदी में कहां तक जाकर लोगों को नहाना चाहिए, इसकी कोई सीमा निर्धारित नहीं की जाती। इस कारण लोग गहरे पानी में जाकर डूब जाते हैं।