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परीक्षा परिणाम समय पर नहीं होते घोषित, बढ़ाएं स्टॉफ

प्रदेश भर के कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित होने से लेकर परीक्षा परिणामों में होने वाली देरी तक की समस्याओं के हल के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:50 AM IST

प्रदेश भर के कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित होने से लेकर परीक्षा परिणामों में होने वाली देरी तक की समस्याओं के हल के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया के नाम स्कूल प्राचार्य इशरत खान को ज्ञापन सौंपा। इस दाैरान उन्होंने प्रदेश के 9 महानगरों में स्थापित कॉलेजों की सूची सहित बताया है कि वहां कितने पद स्वीकृत हैं और कितने पद खाली हैं। अभाविप के पदाधिकारियों ने स्टाफ की कमी से होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया कि कॉलेज परीक्षा संचालित करने केंद्र बनकर रहे गए हैं और वहां मूल्यांकन में पारदर्शिता, न्यायिकता एवं स्पष्टता की बहुत ही कमी हैं। अभाविप पदाधिकारियों के मुताबिक एक तरफ सरकार अच्छी गुणवत्ता युक्त शिक्षा की बात करती है और वहीं दूसरी और देखने में आता है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाॅफ की कमी से कॉलेजों में समय पर वार्षिक कैलेंडर का पालन और प्रवेश परीक्षा के साथ ही परिणाम समय पर घोषित नहीं किए जाते। इसका मूल कारण रिक्त पदों की पूर्ति न होना है। जिला संयोजक शुभम उपाध्याय, वरुण खत्री, दुष्यंत रिछारिया, सौरभ तिवारी, नीलेश कुशवाह, हिमांशु सराठे ने बताया कि कॉलेजों की स्थिति ध्यान में रखते हुए कॉलेजों में रिक्त पदों की पूर्ति की जाए।

ज्ञापन

भास्कर संवाददाता| रायसेन

प्रदेश भर के कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित होने से लेकर परीक्षा परिणामों में होने वाली देरी तक की समस्याओं के हल के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया के नाम स्कूल प्राचार्य इशरत खान को ज्ञापन सौंपा। इस दाैरान उन्होंने प्रदेश के 9 महानगरों में स्थापित कॉलेजों की सूची सहित बताया है कि वहां कितने पद स्वीकृत हैं और कितने पद खाली हैं। अभाविप के पदाधिकारियों ने स्टाफ की कमी से होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया कि कॉलेज परीक्षा संचालित करने केंद्र बनकर रहे गए हैं और वहां मूल्यांकन में पारदर्शिता, न्यायिकता एवं स्पष्टता की बहुत ही कमी हैं। अभाविप पदाधिकारियों के मुताबिक एक तरफ सरकार अच्छी गुणवत्ता युक्त शिक्षा की बात करती है और वहीं दूसरी और देखने में आता है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाॅफ की कमी से कॉलेजों में समय पर वार्षिक कैलेंडर का पालन और प्रवेश परीक्षा के साथ ही परिणाम समय पर घोषित नहीं किए जाते। इसका मूल कारण रिक्त पदों की पूर्ति न होना है। जिला संयोजक शुभम उपाध्याय, वरुण खत्री, दुष्यंत रिछारिया, सौरभ तिवारी, नीलेश कुशवाह, हिमांशु सराठे ने बताया कि कॉलेजों की स्थिति ध्यान में रखते हुए कॉलेजों में रिक्त पदों की पूर्ति की जाए।

कॉलेजों में स्टॉफ की कमी को लेकर अभाविप ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम दिया ज्ञापन

पुनर्मूल्यांकन की बने नीति

प्रदेश के सभी कॉलेजों में पुनर्मूल्यांकन की एक स्थाई नीति बनाई जाए। प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। हाल ही में उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर 2018-19 प्रवेश मार्गदर्शी निर्देश दिए जाएं। उसमें छात्र को एक बार प्रवेश लेने के बाद उनके शुल्क वापस नहीं दिए जाते। जबकि छात्र का एक बार प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किसी अन्य कॉलेज में होता है तो उसे पूरी फीस वापस की जाना चाहिए। इसके अलावा सभी कॉलेजों में स्थाई प्राचार्य नियुक्त किए जाएं। पदाधिकारियों ने कहा कि 21 सितंबर 2106 को प्रदेशव्यापी आंदोलन के समय मांग में यह दर्शाया गया था। परंतु सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नहीं किया गया है। इन मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया तो अभाविप ने आगे आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

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