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पोषण आहार और टीकाकरण से मिट सकता है कुपोषण:त्रिपाठी

बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ माता...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:41 AM IST
बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ माता एवं शिशु दोनों को दिया जाना आवश्यक है। पोषणयुक्त आहार के लिए बाहर से खाद्य पदार्थ खरीदने की जरूरत नहीं होता, बल्कि यह हम सभी के घरों में उपलब्ध रहता है। इसे प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में माता एवं शिशु दोनों को दिया जाना चाहिए। यह बात जिला महिला बाल विकास अधिकारी आरसी त्रिपाठी ने राष्ट्रीय पोषण माह के तहत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही।

कार्यशाला में सहायक संचालक ज्ञानेश खरे ने पीपीटी के माध्यम से पोषण माह के तहत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में बताया गया कि समाज को कुपोषण से मुक्त करने के लिए 30 सितम्बर तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इस का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है। साथ ही 0-6 वर्ष के बच्चों में ठिगनेपन से बचाव एवं इसमें कमी लाना, 0 से 6 वर्ष के बच्चों का अल्प पोषण से बचाव एवं इसमें कमी लाना है। कार्यशाला में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ सुनीता अतुलकर एवं टीकाकरण अधिकारी डॉ सोमिन दास ने बताया कि जन्म के बाद 6 माह तक मां का दूध ही बच्चों के लिये सर्वोत्तम आहार है। 6 माह के बाद बच्चे को पूरक आहार दिया जा सकता है। कार्यशाला में देश को कुपोषण मुक्त करने तथा स्वस्थ और मजबूत देश बनाने की सभी ने शपथ ली