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दो दशक बाद शनिवार व पितृ मोक्ष अमावस्या का संयोग

Raisen News - इस बार दो दशक बाद पितृ पक्ष में शनिवार को पितृमोक्ष अमावस्या का संयोग बन रहा है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा...

Sep 14, 2019, 07:26 AM IST
इस बार दो दशक बाद पितृ पक्ष में शनिवार को पितृमोक्ष अमावस्या का संयोग बन रहा है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से शुरू होने वाले श्राद्ध की शुरूआत कहीं 13 सितंबर से हुई है तो कहीं आज से पितृ पक्ष शुरू होना माना जाएगा।

ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग से इस साल पितृ पक्ष बहुत शुभ रहने वाला है। पितरों की आराधना के इस समय लोग तैयारी में जुट गए हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित शिवशंकर शर्मा के अनुसार श्राद्ध पक्ष की शुरूआत 13 और 14 सितंबर को दोनों ही दिनों से हो रही है। 13 सितंबर को पूर्णिमा का आगमन होकर 14 सितंबर सुबह 10.30 बजे तक रहेगा। अत: 14 से भी पितृ पक्ष की शुरूआत मानी जा सकती है। पितृ पक्ष में शुरू में शत तारका (शतभीषा) नक्षत्र, धृति योग और कुंभ राशि में चंद्रमा रहेगा। भाद्रपद की पूर्णिमा का एक दिन और अश्विन कृष्णपक्ष के 15 दिन को मिला कर 16 दिन के श्राद्ध होते हैं। पितृ पक्ष का समापन शनिवार, 28 सितंबर को हो रहा है। यह संयोग दो दशक बाद बना है, जब शनिवार को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या आ रही है। शत तारका नक्षत्र पंचक का नक्षत्र है। यह शुक्ल पक्षीय है। ये नक्षत्र कई तरह के कष्टों को दूर करने वाला माना गया है। खासकर जब यह विशेष पर्व काल में शुक्ल पक्षीय हो तथा नक्षत्र के स्वामित्व पर शुभ ग्रहों का संयुक्त दृष्टिक्रम हो।

पंचांग के पांच अंगों में क्रमश: पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्रमा, शततारका नक्षत्र के स्वामी वरुण देव व धृति योग के स्वामी जल देवता कहे गए हैं। 20 वर्ष बाद सर्व पितृ अमावस्या शनिवार को आएगी। 1999 में यह संयोग बना था, जब सर्व पितृ अमावस्या शनिवार को आई थी।

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