मध्यस्थता से दोनों पक्षों में सद‌्भाव पैदा होता है: न्यायाधीश भद्रसेन

Raisen News - बेगमगंज| न्यायालयों में प्रकरणों का बोझ है और कई मामले ऐसे है जिनमें आपसी समझौता से निपटारा किया जा सकता है बस...

Sep 14, 2019, 06:46 AM IST
बेगमगंज| न्यायालयों में प्रकरणों का बोझ है और कई मामले ऐसे है जिनमें आपसी समझौता से निपटारा किया जा सकता है बस जरूरत है मध्यस्थता की। न्यायालय के माध्यम से भी मध्यस्थता कराई जा सकती है,अपने वकील के माध्यम से या विधिक सेवा समिति के माध्यम से भी मध्यस्थता कराकर दोनों पक्षों में आपसी समझौता कराकर मामलो का पटाक्षेप कराएं जिससे दोनों ही पक्ष सुखी जीवन जी सकें। यह बात न्यायालय परिसर में विधिक सेवा समिति द्वारा आयोजित मध्यस्थता साक्षरता शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आरके भद्रसेन ने पक्षकारों से कही। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता दोनों पक्षों के बीच सद‌्भावना की एक अच्छी पहल होती है। जिसमें किसी भी पक्ष की हार जीत नहीं होती है। यानि की हम सभी थोड़ा सा प्रयास करें तो कई मामले सुलझ सकते हैं। दोनों पक्ष इस सोच में है कि पहल कोन करे इसलिए कोई भी पहल कर सकता है किसी भी मध्यस्थता के माध्यम से पहल कर अपने मामलों का निपटारा आपसी रजामंदी से करें। शिविर को अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता मो. मतीन सिद‌्दीकी एडवाेकेट, अभिभाषक संघ अध्यक्ष आरएन रावत ने भी संबोधित करते हुए मध्यस्थता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय बीआर यादव, व्यवहार न्यायाधीश उपदेश राठौर सहित अन्य अभिभाषक व पक्षकार मौजूद रहे।

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