औषधीय पौधों से महकेंगे आयुर्वेदिक अस्पताल
जिले में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए जिले के आयुर्वेदिक अस्पताल परिसरों में 15-15 औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इनसे किस तरह से घरेलू इलाज किया जा सकता है, ये जानकारी अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को डॉक्टर देंगे। शासन ने हाल ही में आयुष विभाग को आदेश जारी कर औषधीय पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं आदेश आने के बाद विभाग ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ने बताया लोगों को औषधीय पौधों से घरेलू उपचार करने, दिनचर्या और योग-प्राणायाम के प्रति जागरूक करने के लिए सभी आयुर्वेद अस्पतालों में औषधीय पौधे लगाए जाने के आदेश शासन से प्राप्त हुए हैं। जिसमें सभी आयुष अस्पतालों में खाली पड़ी जगहों पर 15 -15 औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। गांधी आयुर्वेद औषधालय परिसर में औषधीय पौधे लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा जिले के आयुर्वेद औषधालयों में भी पौधे लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अस्पतालों में 15 औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं
सभी आयुष अस्पतालों में खाली पड़ी जगहों पर 15-15 औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इनमें घरेलू उपचार में उपयोग आने वाले औषधीय पौधे ब्राह्मी, हल्दी, तुलसी, ग्वारपाठा, गोखरू, बिल्व, गिलोय, आंवला, शतावरी, अश्वगंधा, अदरक, भूम्यामलक, मंडूक, बला और नीम के पौधे लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।
जानिए ये 15 पौधे किन रोगों को करेंगे खत्म
भूख न लगना: अदरक के टुकड़े लें और नीबू के रस व स्वादानुसार काला नमक के साथ पीसकर खाने के पहले खाएं। भूख लगने लगेगी।
मुंहासे: संतरे के छिलके का पाउडर, रक्त चंदन, मुल्तानी मिट्टी को मिलाकर लेप तैयार करें। मुंह पर लगाए और सूखने के बाद धोएं।
दर्द: नारियल तेल में लहसुन की कली डालें और तेल को तब तक सेंकें, जब तक लहसुन की कली लाल न हो जाए। इसके बाद इस तेल से मालिश करें।
बुखार: अदरक और तुलसी के पत्तों का एक चम्मच रस लें, उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और इस मिश्रण को दिन में चार बार पीएं।
कब्ज: एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच नीबू का रस मिला (स्वादानुसार नमक) लें और रोजाना सुबह खाली पेट पीएं।
सर्दी-खांसी: अदरक, कालीमिर्च और तुलसी के पत्तों को डालकर बनाई गई चाय पीएं।
अस्थमा (दमा): पिप्पली को शहद के साथ लेें। आराम मिलेगा।