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आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर परेशान नागरिक, नहीं मिल रही वैक्सीन
प्रशासक ने कहा-नपा अमले को निर्देश देकर आवारा कुत्तों को बाहर करने चलवाएंगे मुहिम
इन दिनों नगर में आवारा कुत्ताें की संख्या में इजाफा हो रहा है जिसके चलते यह कुत्ते राह चलते लोगों को अपना शिकार बनाकर काट रहे हैं। इधर कुत्ते राहगीरों को तो परेशान कर रहे हैं तो वहीं सिविल अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिलने के कारण कुत्ते के काटने से पीड़ित लोगों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने के साथ ही वह राहगीरों को काट रहे हैं जिससे लोगों को शहर की सड़कों से पैदल निकलना मुश्किल हो गया है।
यह परेशानी तब ओर बढ़ जाती है जब इन कुत्ताें के काटने से पीड़ित सिविल अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का इंजेक्शन नहीं लग पाता है जिसके चलते मरीजों के परिजन बाजार से यह इंजेक्शन लाकर लगवाते हैं ताकि कुत्ते का जहर व्यक्ति में न फैले और वह जल्दी ठीक हो जाए। नगर में रहने वाली दुर्गा विश्वकर्मा ने बताया कि वह पिछले दिनों बाड़ी के अमरावद अपने रिश्तेदार के यहां गई थी जहां उसे कुत्ते ने काट लिया था तब बाड़ी अस्पताल में इंजेक्शन लग गए लेकिन बरेली में यह इंजेक्शन नहीं मिला जिससे परेशानियाें का सामना करना पड़ा हालांकि बाजार से लेकर यह इंजेक्शन लगवा लिया था। दरअसल पिछले 6 महीनों में लगातार नगर में आवारा कुत्ताें की संख्या में इजाफा हो रहा है जिसके चलते कुत्ते के काटने की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। अस्पताल में बढ़ी संख्या में कुत्ते के काटने के मरीज के पहुंचने के कारण एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी आ रही है जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हालांकि बीएमओ गिरीश वर्मा ने अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में होने का दावा किया है। कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है कि जब अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं होते हैं तब मरीजों को बाजार से खरीदकर इन इंजेक्शनों को लगवाना पड़ता है। नगर परिषद के अफसरों ने इन आवारा कुत्ताें को शहर से बाहर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है जिसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नपा प्रशासक से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्ताें को शहर से बाहर किया जाए ताकि पैदल राहगीरों का आवागमन सुलभ हो सके। इस संबंध में चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ते के काटने से ज्यादा खतरनाक है लापरवाही जो व्यक्ति मौत का कारण बनती है। क्योंकि कुत्ते के काटने से रेबीज फैलता है और उसके संक्रमण से लोगों की मौत हो जाती है। नगर परिषद के अफसरों की लापरवाही के कारण लोगों को आवारा कुत्ताें का शिकार होना पड़ रहा है। यदि नपा का अमला नियमित रुप से आवारा कुत्ते और मवेशियों को शहर से बाहर कर दे तो कुछ हद तक लोगों को राहत मिल सकती है। इस सप्ताह करीब 40 नए पर्चे सिविल अस्पताल में कुत्ते के काटने से पीड़ित मरीजों ने बनवाए है। पिछले पर्चों पर लगाए जा रहे एंटी रैबीज के इंजेक्शन की संख्या पर गौर करें तो कुत्ता काटने के मामलों की संख्या सौ पार हो गई।
यह है पिछले 6 महीने के आंकड़े : पिछले 6 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। सिविल अस्पताल के रजिस्टर में अक्टूबर 131, नवंबर 304, दिसंबर 344, जनवरी 600, फरवरी 315, 12 मार्च तक 97 डोज मरीजों को दिए जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसे जीवन रक्षक दवा होने के कारण हर सरकारी अस्पताल में उपलब्ध रखने का आदेश दिया है। इसके बाद भी जिला स्वास्थ्य केंद्र से कभी-कभी यह वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाते जिसके कारण कई बार मरीजों को निर्धारित दिनांक से आगे वाली दिनांक को डोज दिया जाता है।
भरपूर उपलब्ध हैं वैक्सीन
डॉ. गिरीश वर्मा, सीबीएमओ
नगर से बाहर छुड़वाएंगे
नगर में घूम रहे आवारा और पागल कुत्तों के लिए सीएमओ को निर्देशित कर पागल कुत्तों को मरवाया जाएगा एवं आवारा घूमने वाले कुत्तों को नगर से बाहर छुड़वाया जाएगा।
बृजेंद्र रावत, एसडीएम बरेली
नगर परिषद की लापरवाही से लोग हो रहे परेशान, हर जगह कुत्तों की दहशत
नगर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा
नगर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। नगर की शायद ही कोई सड़क या गली हो जहां इनकी दहशत न हो। राहगीर इन आवारा कुत्तों को लेकर परेशान हैं बावजूद इसके नगर परिषद के द्वारा नगर में घूम रहे आवारा कुत्तों के लिए किसी प्रकार मुहिम नहीं चलाई जा रही, जिसके चलते शहर के लगभग सभी गली और मुहल्लों में कुत्तों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है कि लोगों का राह चलना दूभर हो गया है। इस संबंध में राम नारायण सोनी एवं अशोक पटेरिया का कहना है कि कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि नगर में कुत्ते व्यक्ति को देखते ही आक्रामक हो रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले में देखते ही यह कुत्ते उन पर हमला बोल देते हैं। जिसके कारण कुत्ता काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
नगर की सड़कों पर इस तरह से झुंड में खड़े रहते हैं कुत्ते ।