अफसरों की मिलीभगत से हाईवे का हो रहा घटिया निर्माण, 5 माह में ही पड़ने लगी दरारें

Raisen News - इस तरह से हाईवे निर्माण के लिए खोद रहे सड़क। मॉनीटरिंग कमेटी और कंसल्टेंट एजेंसी भी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 06:46 AM IST
Bareli News - mp news due to connivance with officers the highway is undergoing poor construction cracks started falling within 5 months
इस तरह से हाईवे निर्माण के लिए खोद रहे सड़क।

मॉनीटरिंग कमेटी और कंसल्टेंट एजेंसी भी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे अपनी ड्यूटी, निर्धारित मानकों की अवहेलना कर बना रहे हाईवे

भास्कर संवाददाता| मंडीदीप

क्षेत्रवासियों के साथ नेशनल हाईवे 12 से गुजरने वाले वाहन चालक बीते 9 सालों से इस रोड पर फर्राटा वाहन दौड़ाने की तमन्ना लिए घूम रहे हैं, लेकिन उनकी यह ख्वाहिश जल्द पूरी होती नजर नहीं आ रही है। इसकी वजह यह है कि इस हाईवे रोड का गुणवत्ता हीन निर्माण करना। जिसकी बानगी औबेदुल्लागंज से धामधूसर के बीच हाल ही में बनी करीब 15 किलोमीटर की सड़क को देखकर लगाया जा सकता है। जहां एक-दो नहीं सैकड़ों दरारें उभर आई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि रोड बनाने में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। जिससे 529 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

सड़क में आई दरारें इस बात का सबूत है कि रोड बनाने में ठेका कंपनी के साथ निर्माण एजेंसी एमपीआरडीसी के अधिकारियों की मिलीभगत है। यह हाल उस सड़क का है जिसे 50 साल तक टिके रहने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि यह सड़क पांच महीने भी भारी वाहनों का दबाव नहीं सह पाई। इसके बाद अब अधिकारी अपनी कमियां छुपाने इसको दोबारा बनवाने की बात कह रहे हैं। ज्ञात हो कि भोपाल-जबलपुर फोरलेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत एनएच 12 का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जिसके पांचवें भाग बिनेका से मिसरोद तक का काम दिल्ली की सीडीएस कंपनी कर रही है। जिसमें ढेरों कमियां उजागर हो रही हैं। धामधूसर के पास रोड जमीन में धंसने का मामला सामने आ चुका है। इसके बाद अब नया मामला हाल ही में बनाई गई इस सीसी रोड में दरारें उभरने का सामने आया है। सीसी सड़क की भर्ती में लापरवाही बरती गई जिसके कारण सड़क बैठ गई है और धीरे-धीरे बैठती जा रही है। बायपास रोड पर भी दरारें पड़ने लगी हैं। जबकि यहां तो अभी पूरी तरह से ट्रैफिक भी शुरू नहीं हुआ।

विधानसभा में उठ चुका है घटिया निर्माण का मुद‌्दा : मालूम है कि भोपाल-जबलपुर फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत जो रोड बनाई जा रही है उसका निर्माण घटिया स्तर से किया जा रहा है। इसको लेकर पिछले माह जुलाई में बरेली विधायक देवेंद्र पटेल इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठा चुके हैं। तब पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इसकी जांच कराकर नए सिरे से बनवाने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी ठेका कंपनी और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को कोई विशेष फर्क नहीं पड़ा। कंपनी अधिकारियों की मिली भगत से पुराने ढर्रे पर ही मनमानी से गुणवत्ताहीन कार्य करा रहे हैं।

विदेशी तकनीक को किया दरकिनार : इस प्रोजेक्ट को बनाते समय वर्ष 2013 में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह ने इस रोड को विदेशी तकनीक के आधार पर बनाने की बात कही थी, तब उन्होंने कहा था कि अब से इस रोड के साथ प्रदेश की अन्य सभी सड़कें उच्च गुणवत्ता और अधिक समय 15 साल तक के लिए टिकाऊ और 70 टन क्षमता की बनाई जाएगी। लेकिन इस रोड को देख कर ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा है। विदेशी तकनीक तो दूर भारत में रोड बनाने की जो तकनीक अपनाई जाती है। उसका भी यहां पालन नहीं किया जा रहा है।

2013 में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह ने इस रोड को विदेशी तकनीक के आधार पर बनाने की बात कही थी

पुलिया की स्लैब भी धंसी

सीडीएस कंपनी ने हाईवे और पुल की एप्रोच रोड बनाते समय गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। औबेदुल्लागंज के पास पुल निर्माण में अच्छे से रोलर करे बिना पुल व सड़क के बीच सीसी सड़क की स्लैब डाल दी। जैसे ही बारिश हुई नीचे की मिट्टी दब गई और स्लैब जमीन में धंस गई। विशनखेड़ा, सनोटी व खिल्लीखेड़ा के पास पुल की स्लैब एक साथ शुरू होने से पहले ही दब गई।

सीधी बात डीएम पवन अरोरा, एमपीआरडीसी

प्रश्न- धामधूसर के पास सड़क में दरारें आ गईं क्या काम गुणवत्ताहीन हुआ है।

जवाब- रोड में जो दरारें हैं उसका एक्चुअली एक कोड है। आईएस कोड के हिसाब से उसका ट्रीटमेंट कराना पड़ेगा। यह कंस्ट्रक्शन कंपनी करेगी। सीसी रोड में तो दरारें आती ही है ऐसा कॉमन है। ऐसा नहीं कह सकते कि दरारें नहीं आएंगी। ऐसा कह सकते हैं कि दरारें आएंगी तो उसका ट्रीटमेंट भी जरूरी है।

प्रश्न- इस रोड को विदेशी तकनीक से बनाने की बात कही जा रही थी जो घटिया स्तर की बनने से कहीं नजर नहीं आ रही है।

जवाब-नहीं, हम तो नॉर्मल तकनीक से ही बना रहे हैं जिसकी उम्र 50 साल होगी।

प्रश्न-मॉनीटरिंग गाइड लाइन की अनदेखी से रोड गुणवत्ताहीन बनाया जा रहा है।

जवाब-नहीं ऐसा तो नहीं है। हमारी साइट पर तो इंजीनियर, टेक्निकल इंजीनियर, हाईवे इंजीनियर और कंस्ट्रक्शन इंजीनियर है। समय-समय पर हम भी साइट पर जाकर उसको देखते हैं। इसके अलावा हमारी जयपुर की कंसल्टेंट कंपनी कोविन भी इसकी मॉनीटरिंग कर रही है।

X
Bareli News - mp news due to connivance with officers the highway is undergoing poor construction cracks started falling within 5 months
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना