आठ माह बाद भी नहीं मिली बोनस की राशि अब किसान कर रहे हैं आंदोलन की तैयारी

Raisen News - समर्थन मूल्य पर सरकार को गेहूं बेचने वाले किसानों को आठ माह बाद भी बोनस की राशि नहीं मिल पाई है। बोनस की राशि खातों...

Dec 04, 2019, 10:05 AM IST
Raisen News - mp news even after eight months the amount of bonus was not received now farmers are preparing for the movement
समर्थन मूल्य पर सरकार को गेहूं बेचने वाले किसानों को आठ माह बाद भी बोनस की राशि नहीं मिल पाई है। बोनस की राशि खातों में डालने के लिए किसान बार-बार ज्ञापन दे रहे है, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। लंबे समय बाद भी किसानों को बोनस की राशि नहीं मिल पाई है। इस कारण अब किसान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रहे है।

रायसेन जिले के 47 हजार 410 किसानों ने समर्थन मूल्य पर 44 लाख 87 हजार 907 क्विंटल गेहूं सरकार को बेचा था। इस तरह किसानों को करीब 71 करोड़ 80 लाख 45 हजार 135 रुपए बोनस के रूप में भुगतान होना है। जबकि प्रदेश के 55 लाख किसानों को 1453 करोड़ रुपए बोनस के रूप में मिलना है। प्रदेश सरकार के पास बजट का अभाव होने से यह राशि अटकी हुई है। हलांकि प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि गेहूं बोनस राशि का भुगतान किसानों को शीध्र करवाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास ऐसे किए जा रहे है कि दिसंबर माह अंत तक किसानों के खातों में बोनस की राशि पहुंच जाए।

जिले के किसानों को करीब 71 करोड़ 80 लाख 45 हजार 135 रुपए िमलना है बोनस

मंडी में तुलाई के दौरान किसानों से चर्चा करते कलेक्टर उमाशंकर भार्गव।

कृषि अधिकारी भी किसानों को नहीं दे रहे सही से जवाब

कोई किसान कृषि उपसंचालक एनपी सुमन को फोन लगाकर बोनस की राशि कब आएगी, इस बारे में पूछताछ करता है तो अधिकारी उस किसान पर ही झल्ला उठते हैं और यह कहने लगते है कि जब शासन से राशि आएगी तो उनके खातों में डलवा देंगे। वे किसानों को सही ढंग से संतुष्ट भी नहीं कर पा रहे है, जिससे किसानों में कृषि अधिकारी के खिलाफ रोष व्याप्त है।

किसानों ने कहा अांदोलन की बना रहे है रूपरेखा

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री त्रिभुवन दुबे का कहना है कि मार्च से मई माह के बीच में किसानों ने अपनी उपज शासन को बेची थी। इसको बेचे करीब 8 माह से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन सरकार किसानों को उनकी बोनस की राशि अब तक नहीं दे पाई है। किसान संगठनों द्वारा ज्ञापन देकर बोनस देने के लिए याद दिलाई रहे हैं। यदि शीघ्र बोनस का भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन होगा।

चल रही है प्रक्रिया, शीघ्र मिलेगा बोनस

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले प्रदेशभर के किसानों को बोनस राशि देने के लिए प्रक्रिया चल रही है। दिसंबर माह के अंत तक किसानों के खातों में बोनस की राशि पहुंच जाए, ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। -सचिन यादव, कृषि मंत्री मप्र शासन

किसानों पर दोहरी मार : न बोनस मिला और न फसल के मिल रहे रेट

सरकार को 25 मार्च से 25 मई के बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को नवंबर माह के पहले सप्ताह तक बोनस की राशि नहीं मिल पाई है। जिले के किसानों को करीब 72 करोड़ की राशि शासन से लेना है। यह राशि भी नहीं मिली और फिर अतिवृष्टि ने उनकी धान और सोयाबीन की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। जैसे तैसे किसानों की धान की जो फसल बच गई है, तो अब मंडी में किसानों को उसके अच्छे रेट तक नहीं मिल पा रहे है। जिससे किसानों को लागत तक नहीं निकल पा रही है। पिछले साल जिस धान के रेट 2300 से 2900 रुपए क्विंटल तक मिले थे। इस बार उसी धान के भाव मुश्किल से 1600 से 2300 रुपए के आसपास ही मिल रहे है।

कलेक्टर पहुंचे कृषि मंडी किसानों से की चर्चा

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव मंगलवार को कृषि उपज मंडी पहुंचे। यहां पर उन्होंने किसानों से उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया। किसानों ने कलेक्टर को धान के रेट नहीं मिलने, मंडी पर प्रांगण छोटा पड़ने और जाम लगने की समस्या से अवगत कराया। कलेक्टर ने किसानों को उनकी समस्याओं का निराकरण करवाने का भरोसा दिलाया।

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