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सड़क तो बनाई, लेकिन साइडों में मुरम-गिट्टी डालकर की खानापूर्ति
एमपीआरडीसी के अफसरों ने नहीं दिया ध्यान, निर्माण एजेंसी कर रही मनमर्जी
गैरतगंज | रायसेन राहतगढ़ सड़क मार्ग पर एमपीआरडीसी ने 50 किलोमीटर के दायरे में रायसेन से गैरतगंज तक डामरीकरण तो करा दिया लेकिन व्यवस्थित ढंग से साइडें नहीं बनाई गई है जिसके कारण ठेकेदार की खानापूर्ति ने दुर्घटनाओं का अंदेशा इस सड़क पर बना दिया है। रायसेन से राहतगढ़ तक पूर्व में बीओटी स्कीम के तहत डल रही सड़क का अब कुछ समय से एमपीआरडीसी द्वारा देखरेख का जिम्मा संभाला जा रहा है।
हाल ही में एमपीआरडीसी ने 100 किलोमीटर दायरे की इस सड़क पर 50 किलोमीटर में रायसेन से गैरतगंज तक सड़क पर डामरीकरण कराया है। एमपीआरडीसी ने जिस ठेकेदार के माध्यम से इस सड़क को बनवाया है,उसने सड़क की साइडों को ठीक ढंग से नहीं बनाया है। ठेकेदार ने सड़क बनाने के बाद साइडों पर सिर्फ मुरम और गिट्टा डाल दिया है। जिसके कारण यातायात में भारी परेशानी हो रही है तथा वाहनों की तलाशी के दौरान आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। एमपीआरडीसी की मानीटरिंग के अभाव में इस सड़क पर क्षतिग्रस्त हुई पुलियों का ठीक ढंग से निर्माण भी ठेकेदार द्वारा नहीं किया गया है जिनके जल्द खराब होने का अंदेशा भी है। विशेषतौर पर साइडों का व्यवस्थित ढंग से न बनना परेशानी का सबब बना हुआ है। वाहन चालक खालिद खां, रामस्वरूप गौर, विन्देश कुमार आदि का कहना है कि साइडों पर हार्ड मुरम के बाद रोलर चलाकर उसका समतलीकरण किया जाना था परंतु ऐसा नहीं हुआ जिससे परेशानी हो रही है। रायसेन राहतगढ़ सड़क 100 किलोमीटर लंबी है लेकिन एमपीआरडीसी ने सिर्फ 50 किलोमीटर के दायरे में रायसेन से गैरतगंज तक ही डामरीकरण कराया है जबकि पूरी सड़क खराब हो चुकी है। गैरतगंज से राहतगढ़ तक सड़क सुधार का कार्य न होने से यहां की खराब सड़क भी वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। इस संबंध में एमपीआरडीसी के एजीएम रमाशंकर कीर ने कई बार प्रयास करने के बाद भी अपना मोबाइल अटेंड नहीं किया जिससे समस्या निराकरण के संबंध में बात नहीं हो सकी।