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800 परिवारों में से 80 ने ही कराया सीवर कनेक्शन, नतीजा: सड़क पर बह रहा पानी
पूरे शहर का सीवरेज सिस्टम फेल हैं कहीं नालियां हैं तो कहीं नालियां ही नहीं है। नपा ने साढ़े तीन साल पहले शहर के दो वार्ड 11 और 12 नंबर में 4.25 करोड़ की लागत वाले सीवर लाइन प्रोजेक्ट के तहत 11 किमी लंबाई वाली अंडर ग्राउंड सीवर लाइन डलवाई और उसे अपने ही हाल पर छोड़ दिया। लोगों को इस अंडर ग्राउंड लाइन में कनेक्शन भी नहीं दिए।
दोनों वार्डों में सीवरेज का पानी जमा होने से लोगों के घरों में भर रहा है। नगर पालिका के जिम्मेदार अब कह रहे हैं कि चेंबर बनाकर छोड़ दिए हैं। लोगों को खुद ही अपने स्तर पर सीवरेज लाइन से कनेक्शन लेना है। लेकिन महज दस प्रतिशत लोगों ने ही कनेक्शन लिए हैं। इसके चलते ये समस्या आ रही है। जबकि विदिशा में जो अंडर ग्राउंड सीवरेज लाइन डाली गई है उस लाइन से ठेकेदार ने ही खुद के खर्च पर लोगों को सीवरेज कनेक्शन करने हैं। इतना ही नहीं कनेक्शन के लिए पाइप और सामग्री भी ठेकेदार अपने स्तर पर लगाई है। इसके चलते वहां अधिकतर सीवरेज लाइन में अधिकतर कनेक्शन कर दिए गए हैं।
ऐसा इसलिए... नगर पालिका इस उम्मीद में परिवार खुद कराएं सीवर कनेक्शन
रहवासी बोले: घरों में जमा हो रहा पानी
पटेल नगर में रहने वाली फूल बाई और ऊषा देवी ने बताया कि अंडर ग्राउंड पाइप लाइन डाले जाने से रहवासियों को उम्मीद थी कि सीवरेज का पानी नालियों में न बहकर पाइप लाइन से निकल जाएगा। लेकिन जगह-जगह पानी जमा होने से हमारे घरों तक सीवरेज का पानी पहुंचने लगा है। इससे समस्या गंभीर हो गई है। नपा की जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं हैं।
जिम्मेदार बोले: लोगों को मोटीवेट करेंगे
नपा के जेई पीके साहू से जब इस संबंध में बात की गई तो वे बोले सीवर लाइन से लोगों को खुद कनेक्शन लेना हैं। चेंबर बनाकर वहां छोड़ दिए गए हैं। महज दस प्रतिशत लोगों ने ही अपने स्तर पर सीवरेज कनेक्शन लिए हैं। इसलिए पानी भराव की समस्या आ रही है। अब लोगों को इसके लिए मोटीवेट करेंगे। इससे वे सीवरेज कनेक्शन लें।
शर्तों को लेकर ठेकेदार और नपा में कन्फ्यूजन
नगरपालिका और ठेकेदार कंपनी की बीच शर्तों को लेकर आपसी कंफ्यूजन के कारण सवा चार करोड़ रुपए लागत वाला सीवेज लाइन प्रोजेक्ट का काम पूरा होने में ढाई साल का समय लग गया। जबकि इसका काम 9 महीने में पूरा कर लिया जाना था। नगर पालिका के मुताबिक सीवेज लाइन डालने और ट्रीटमेंट प्लांट लगाने वाली कंपनी को ही प्रोजेक्ट का पांच साल तक मेंटेनेंस का काम करना था और घर-घर सीवेज के कनेक्शन भी देना थे। जबकि ठेकेदार कंपनी मारुति कंस्ट्रक्शन के मुताबिक सीवेज लाइन डालने और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम उनके द्वारा कर दिया गया है। इसके बावजूद नगर पालिका ने करीब 80 लाख रुपए का भुगतान रोका हुआ है।
720 से अधिक घरों का पानी सड़कों पर
अंडर ग्राउंड सीवरेज लाइन से वार्ड नंबर 11 और 12 के 800 परिवारों को कनेक्शन दिए जाने थे। लेकिन नगर पालिका ने अपने स्तर पर कोई प्रयास न कर यह काम लोगों के भरोसे छोड़ दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि एक साल में करीब 80 लोगों ने ही कनेक्शन करवाएं हैं। जबकि 720 से अधिक घरों को पानी सड़कों किनारे ही जमा हो रहा है। लेकिन उनकी परेशानी नपा के जिम्मेदार सुनने को भी तैयार नहीं है।
यह था 4.25 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
वार्ड नं. 11 और 12 के 800 घरों के पानी को 11 किमी लंबी अंडर ग्राउंड लाइन से मिश्र तालाब तक लेकर जाना था। वहां लगाए गए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से इस पानी को साफ करके शहर के मिश्र तालाब में मिलाया जाना था। लेकिन कनेक्शन न होने से इन वार्डों का पानी प्लांट तक पहुंच नहीं पा रहा।
पटेल नगर में सीवर लाइन होने बावजूद कनेक्शन नहीं किए। इसलिए घरों के पास जमा है पानी।