70 हजार हेक्टेयर में पूसा बासमती धान की खेती

Raisen News - पंजाब के बाद मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाडी तहसील में सन 2002 से पूसा बासमती की खेती की शुरुआत की गई थी, लेकिन अब...

Oct 13, 2019, 06:36 AM IST
पंजाब के बाद मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाडी तहसील में सन 2002 से पूसा बासमती की खेती की शुरुआत की गई थी, लेकिन अब सभी क्षेत्र का लगभग हर किसान पूसा बासमती की खेती कर रहा है। यहां की धान की खुशबू दूर देश में लगातार कई वर्षों से महक रही है। इस वर्ष बाड़ी विकासखंड के अंतर्गत 85,000 हेक्टेयर भूमि पर खरीफ की फसल की पैदावार की गई है जिसमें लगभग 70 हजार हेक्टेयर भूमि पर पूसा बासमती धान की खेती की जाती है। इसे तैयार करने से पहले धान का रोपा तैयार किया जाता है। रोपा लगभग 30 से 50 दिन का लगाया जाता है। उसके बाद धान की रोपाई होती है। धान के लगाने के बाद 120 से एक 130 दिन में पक कर तैयार हो जाती है।

बासमती की खेती में प्रति एकड़ पर लगभग 20 से 25 हजार रुपए तक की लागत आती है। जबकि प्रति एकड़ उपज 20 से 25 प्रति क्विंटल होती है। यही नहीं बारना कमांड क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र में अल्पवर्षा के दौरान भी अच्छी पैदावार होती रही है जबकि इस बार तो भरपूर बारिश होने से धान की फसल पानी से तर रही। बारना बांध से धान की खेती के लिए नहरों के माध्यम से पानी छोड़ा जाता है। क्षेत्र के अंतर्गत पैदा होने वाली धान की खरीदी के लिए खरीददार जो कंपनियां है उसमें दावत, एसएस, नर्मदा, लाइना ,बिंजा सहित दर्जनों कंपनियां द्वारा इस क्षेत्र में खरीदी की जाती है। क्षेत्र से खरीदी गई पूसा बासमती का चावल विदेश में निर्यात किया जाता है जिससे विदेश में बाडी की पूसा बासमती की सुगंध पहुंच जाती है। इस क्षेत्र में धान रोपाई के समय बिहार,मंडला,डिंडोरी शहर से धान की रोपाई के लिए मजदूर आते है। जिनकी धान की रोपाई की उपज में पैदावार क्षेत्र के धान लगाने वाले से अधिक होती है। जो कि उनकी मेहनत का नतीजा है। कृषि विस्तार अधिकारी एससी भार्गव ने बताया की किसानों को समय समय पर जानकारी देते है। विभागी सलाह पर अमल करने के कारण ही इन दिनों क्षेत्र में बम्पर पैदावार हो रही है। क्षेत्र का धान पैदा करने वाले किसान कम जमीन में भी अधिक उत्पादन कर अच्छा कृषक बना है।

किसान सूरज कुशवाहा ने बताया की धान की खेती से हमारा क्षेत्र खुशाल हो गया है। पिछले 2 वर्षों से जरूर रेट कम आ रहे है। इस बार धान की पैदावार बंपर होगी और उम्मीद है कि रेट भी अच्छे मिलेंगे। किसान सन्तोष सिंह ने बताया कि क्षेत्र में धान के कारण किसान समृद्ध और खुशहाल बना है।

अपनी लहलराती धान की फसल के साथ किसान सूरज कुशवाहा।

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