धर्म... इस माह में पैगम्बरे इस्लाम को हुई थी मैराज
बेगमगंज | यह रज्जब का महीना है और इस माह में ही पैगम्बरे इस्लाम को मैराज का सफर हुआ जब उन्हें फरिश्ते जमीन से आसमान पर ले गए और खुदा से उनकी मुलाकात हुई। पैगम्बर इस्लाम अपने साथ तोहफे के रूप में असत्यता जो नमाज में पढ़ी जाती है, वह लेकर गए और खुदा ने उम्मत के लिए नमाज का तोहफा दिया।
हमें इससे अंदाज लगा लेना चाहिए कि नमाज कितनी अहम है। यह बात मर्कज मस्जिद के इमाम मौलाना शामिद नदवी ने जुमे के खुतबे से पहले उपस्थित जनों से कही। उन्होंने बताया कि पैगम्बर मूसा जब खुदा से बात करने गए तो उनसे कहा गया कि इस जगह अपने जूते उतार कर आएं। वहीं जब पैगम्बरे इस्लाम आसमानों की सेर कराते हुए खुदा के पास पहुंचे और जुते जिसे नालेन मुबारक कहते है उतारने लगे तो आवाज आई के मेरे महबूब ऐसे ही चले आओ इससे पैगम्बरे इस्लाम की अहमियत का पता चलता है। पांचों समय की नमाज पढ़कर शांति हासिल करना चाहिए। यदि हमने ऐसा नहीं किया तो फिर यकीन है कि हम फिर घाटे ओर नुकसान मंे रहेंगे। इसलिए समय है कि हम ऐसे महत्वपूर्ण माह की कद्र करते हुए पांचांे वक्त की नमाज पढ़ने वाले बने और अपने खुदा का शुक्र अदा करें। इसके अलावा जामा मस्जिद में मुफ्ती असालत खान, पठान वाली मदीना मस्जिद में मुफ्ती रूस्तम खान एवं बालाई टेकरी मक्का मस्जिद में मौलाना नजर मो. ने इसी तरह के बयान कर लोगो को पैगम्बरे इस्लाम के तरीके पर चलने का आह्वान किया।