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- Silwani News Mp News The Number Of Tenants Is Increasing Police Verification Does Not Get Done By The Building Owners
किरायेदारों की संख्या में हाे रहा इजाफा, भवन मालिक नहीं करवाते पुलिस वेरिफिकेशन
पुलिस भी अपराध होने के बाद भवन मालिकों पर करती है कार्रवाई
मकान मालिकों के द्वारा किराएदारों की जानकारी से पुलिस को नहीं होने के कारण उसका फायदा असामाजिक तत्व फायदा उठा रहे है। पुलिस विभाग के द्वारा लगातार मकान मालिकों से अपने मकानो में रखे गए किराएदारों की जानकारी से पुलिस को देने की बात कई बार कह चुके हैं लेकिन भवन मालिक लालच और टैक्स बचाने के कारण पुलिस को जानकारी नहीं दे रहे हैं।
नियमानुसार मकान मालिकों को किराएदारों की जानकारी नगर परिषद और पुलिस थाना में देना होती है लेकिन अभी तक नगर परिषद में अभी तक एक भी किराएदारों ने अपनी जानकारी नहीं दी है। न ही पुलिस विभाग में किरायदारों की जानकारी है।
कई असामाजिक तत्व नगर में किराए का मकान लेकर वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में पूछताछ के दौरान मकान मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगर में कितने मकान है और कितने किराएदार किराए से निवास कर रहे है इसकी संपूर्ण जानकारी पुलिस थाने में नहीं है। जिसका लाभ उठाने में आपराधिक किस्म के व्यक्ति पीछे नही रहते है मकान मालिक किराएदार का बिना पुलिस वेरिफिकेशन और नगर परिषद में जानकारी दिए मकान किराए से दे रहे है।
घटना होने के बाद मकान मालिक व पुलिस दोनों हाथ पर हाथ धरे रह जाते हैं। वहीं पुलिस जहां एक और किराएदारों की जानकारी लेने में रुचि नही दिखाती बल्कि मकान मालिक भी किराएदारों की जानकारी पुलिस थाने में देना उचित नही समझते है। जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठाते है। जबकि नियमों के मुताबिक मकान मलिक को अपने किराएदार की जानकारी पुलिस थाने व नप को दी जाना चाहिए। लेकिन मकान मालिक टैक्स वचाने के प्रयास में जानकारी नही देते है। नगर में ऐसे कई मकान है जिसमें वर्षों से किराएदार किराया देकर रह रहे है। जिनकी जानकारी ना तो पुलिस के पास है और न ही नप के पास।
एसडीओपी पीएन गोयल का कहना है कि नगर के सभी मकान मालिकों को पहले ही सूचित किया जा चुका है। कि वह अपने मकानो में रहने वाले किराएदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराए।