--Advertisement--

विस चुनाव: पढ़ा-लिखा तबका वोट देने में रहा सबसे पीछे

Raisen News - नगर के वार्ड एक, 11, 12, 21 एवं 23 पॉश इलाके माने जाते हैं। जहां अधिक पढ़ा-लिखा तबका निवास करता है, किंतु यहां के मतदाताओं पर...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 03:50 AM IST
Mandideep News - vis polls the most read posting
नगर के वार्ड एक, 11, 12, 21 एवं 23 पॉश इलाके माने जाते हैं। जहां अधिक पढ़ा-लिखा तबका निवास करता है, किंतु यहां के मतदाताओं पर वोट देने में सुस्ती का दाग लगा हुआ है। वोट प्रतिशत के आंकड़े रहवासियों के लोकतंत्र के सजग प्रहरी जागरुक मतदाता होने पर सवाल उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा जागरूक वार्ड 16 के वोटर्स रहे।

जबकि यहां का मतदाता ग्रामीण परिवेश का है। इसके बावजूद भी यहां के मतदाताओं ने सबसे ज्यादा 83.12 प्रतिशत वोटिंग कर अव्वल रहे। 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के लिए पूरे विस क्षेत्र 77.88 फीसदी मतदान हुआ। जबकि नगर में सिर्फ 66 फीसदी वोटिंग हुई। सबसे कम मतदान वाले वार्डों में 12 पहले एवं दूसरे पायदान पर वार्ड 13 रहा। इन वार्डों के मतदाता सबसे फिसड्‌डी रहे। सिर्फ 42 फीसदी वोटर ने ही अपनी पसंद का विधायक चुनने में दिलचस्पी दिखाई। सियासी दलों का कहना है कि वोट देने के मामले में इन वार्डों का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। लोकसभा, विधानसभा या नपा चुनाव में इन वार्डों के मतदाताओं की वोटिंग में रुचि कम होती है। यहां के 5 वार्डों में करीब 12 हजार वोटर हैं।

क्या रहीं वजह : इस संबंध में कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष राजीव जैन का कहना है कि यहां औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण ज्यादातर मजदूर वर्ग किराये से रहता है। वह मतदाता सूची में नाम जुड़वाते समय जो पता देता है। चुनाव आते तक अपना कमरा बदल कर दूसरे वार्ड में पहुंच जाता है। जिसे तलाशना मुश्किल होता है। निर्वाचन पर्ची वितरण भी ठीक से नहीं हो पाता।

इसका सीधा असर मतदान पर पड़ता है। वहीं भाजपा के मंडल मंत्री अमित जैन का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण बीस फीसदी वोटर्स तो वार्डों में ही गुम हो जाते हैं। जो ढूंढ़े से भी नहीं मिलते। इससे मतदान प्रतिशत पर असर पड़ता है।

X
Mandideep News - vis polls the most read posting
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..