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मोहनखेड़ा तीर्थ पर बारसा सूत्र का वाचन आज होगा

राजगढ़| आचार्य ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी ने पर्युषण महापर्व के सप्तम दिन आराधकों से कहा गलतियां सबसे होती है पर गलती हो...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:41 AM IST
राजगढ़| आचार्य ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी ने पर्युषण महापर्व के सप्तम दिन आराधकों से कहा गलतियां सबसे होती है पर गलती हो जाने के बाद उसको सही साबित करने के लिए व्यक्ति को फिर से नये झुठ बोलना पड़ता है, यह सबसे बड़ी गलती है। पर्युषण पर्व की आराधना करके संवत्सरी प्रतिक्रमण करते हुए अपने द्वारा की हुई गलतियों का अहसास कर उसके प्रति पश्चाताप के भाव रखकर सामने वाले से क्षमायाचना कर लेना चाहिए। आचार्य ने बताया चातुर्मास में इस बार 36 उपवास 1, महामृत्युंजय मासक्षमण 4, सिद्धितप 19, वर्षीतप 120, सामूहिक अट्ठाई 200, ग्यारह उपवास 2, नव उपवास 8, गुरुतप 150, छट अट्ठम तप तेला 120 आराधकों द्वारा किए गए। तपस्वियों को सामूहिक तप के पच्चखाण व वधामणा एवं गुरुभगवंतों का वधामणा इंदौर के सुरेशकुमार बाबुलाल लोढ़ा परिवार द्वारा गुुरुवार सुबह 8 बजे किया जाएगा। दोपहर में कल्पसूत्र ग्रंथ वाचन की पूर्णाहुति हुई। गुरुवार सुबह 7.30 बजे आचार्य को बारसा सूत्र वोहराया जाएगा। बारसा सूत्र की अष्टप्रकारी ज्ञान पूजा की जाएगी। सूत्र का वाचन आचार्य खड़े-खड़े करेंगे। संवत्सरी प्रतिक्रमण दोपहर 3 बजे बाद में क्षमायाचना की जाएगी।

राजगढ़. मोहनखेड़ा तीर्थ पर गुरुदेव का चित्र भेंट किया।