• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Rajgarh
  • 38 विभागों के 650 संविदा कर्मी हड़ताल पर, दफ्तरों में अटके काम, बैरंग लौटे लोग
--Advertisement--

38 विभागों के 650 संविदा कर्मी हड़ताल पर, दफ्तरों में अटके काम, बैरंग लौटे लोग

नियमितीकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर शुरू की स्वास्थ्य संविदा कर्मियों की हड़ताल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।...

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2018, 03:50 AM IST
38 विभागों के 650 संविदा कर्मी हड़ताल पर, दफ्तरों में अटके काम, बैरंग लौटे लोग
नियमितीकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर शुरू की स्वास्थ्य संविदा कर्मियों की हड़ताल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को 38 विभागों में विभिन्न पदों पर पदस्थ लगभग डेढ़ हजार कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।

पहले दिन धरना-प्रदर्शन के साथ ज्ञापन सौंप कर सरकार को चेतावनी दी गई कि मांग न मानने के परिणाम ठीक नहीं होंगे। इस दौरान जिला पंचायत, मनरेगा, आवास मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीएचई जैसे कार्यालयों में काम अटकने से लोग परेशान हुए। 25 करोड़ से ज्यादा के फंड ट्रांसफर नहीं हो पाए।

भैंस न मारे, इस डर से दूर से बजाई बीन

इधर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पदस्थ बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के तहत खिलचीपुर नाका पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान विरोध के लिए भैंस के आगे बीन बजाना थी। लेकिन बार-बार पैर फटकार रही भैंस के डर से इन कर्मचारियों ने दूर से बीन बजाने का स्वांग किया।

धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंप कर सरकार को चेतावनी दी, मांग न मानने के परिणाम ठीक नहीं होंगे

संयुक्त संविदा कर्मचारियों ने कलेक्टोरेट में किया धरना प्रदर्शन। -भास्कर

भास्कर लाइव: जानें तीन कार्यालयों के हाल जहां हड़ताल का काम पर असर

खाली दफ्तर, 3 करोड़ के भुगतान प्रभावित

कहां : आजीविका मिशन कार्यालय

स्थिति :
मिशन में 99 फीसदी संविदा कर्मी पदस्थ हैं जो हड़ताल पर गए। इससे जिले के 10 हजार स्व सहायता समूहों की डेली इंट्री व ऑन लाइन पोस्टिंग नहीं हो पाईं। वहीं समूहों के डेली कलेक्शन से जुटने वाले 75 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन नहीं हो सका। इससे समूहों की हजारों महिलाएं परेशान रहीं। वहीं मार्च क्लोजिंग के कारण किए जा रहे लोन डिस्बर्समेंट के प्रकरणों का निबटारा रुकने से लगभग 3 करोड़ का ट्रांजेक्शन रुक गया।

काम ठप, नहीं हुए 2 हजार मजदूरों के पेमेंट

कहां : महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना कार्यालय

स्थिति :
रोजगार गारंटी के तहत जिले में 32 हजार काम चल रहे हैं। लेकिन प्रोग्राम ऑफिसर से ऑपरेटर तक के हड़ताल पर जाने से राेज जारी होने वाले लगभग साढ़े तीन लाख के करीब 2 हजार से ज्यादा मस्टर रुक गए। जबकि मनरेगा से क्लब कर चलाई जा रहीं पीएम आवास व शौचालय निर्माण योजना के तकरीबन 3 करोड़ के रुटीन पेमेंट भी नहीं निकल पाए।

अधर में अटके ग्रामीण विकास के हजारों काम

कहां : जिला पंचायत कार्यालय

स्थिति :
जिला पंचायत में पदस्थ सभी 65 फीसदी संविदा कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से ऑफिस के दोनों तल स्थित विभिन्न शाखाएं खाली पड़ी रहीं। इससे जिले की जनपद पंचायतों व अन्य विभागों से आए दर्जनों प्रकरणों का निपटारा टल गया। वहीं विभिन्न ग्रामीण विकास की योजनाओं का लगभग 8 से 10 करोड़ का बजट भी जारी नहीं हो सका। जिले के 627 में से आधे रोजगार सहायकों के हड़ताल में शामिल होने से जिले के 900 गांवों में निर्माण कार्य भी प्रभावित हो गए।

इन विभागों के कर्मचारी गए हड़ताल पर

गुरुवार से अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों ने मप्र संविदा संयुक्त मंच के बैनर तले हड़ताल शुरू की। इस दौरान खिलचीपुर नाका स्थित प्रदर्शन स्थल पर सुबह 11 बजे से धरना प्रदर्शन के दौरान जिलेभर से संविदाकर्मियों का आना जाना लगा रहा। इस दौरान कृषि विभाग, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना, सर्व शिक्षा अभियान, उद्योग व व्यवसाय केंद्र, माइक्रो वॉटर शेड, ग्रामीण आवास, राज्य आजीविका मिशन, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग, स्वच्छ भारत अभियान सहित 38विभागों में पदस्थ ऑपरेटर से लेकर अधिकारी स्तर के संविदा कर्मी इस हड़ताल में शामिल हुए। दोपहर 3 तीन बजे इन संविदाकर्मियों ने एक रैली निकाली और कलेक्टोरेट पहुंचे। जहां इन्होंने प्रदर्शन व नारेबाजी कर सरकार को मांग न मानने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। वहीं सीएम के नाम एसडीएम ममता खेड़े को एक ज्ञापन सौंपा भी सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में अरुण दुबे, जगदीश दांगी, शालिनी श्रीमाल, प्रमोद त्रिपाठी, सोबरनसिंह चौधरी, हरिनारायण सोनी, जीके दुबे, हरिशचंद नायक, दीपक कौशिक आदि सैकड़ों संविदा कर्मी शामिल थे।

X
38 विभागों के 650 संविदा कर्मी हड़ताल पर, दफ्तरों में अटके काम, बैरंग लौटे लोग
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..