--Advertisement--

पहले पद से हटाया अब वेतन के लाले पड़े

भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़ पहले तो जिले के 68 जनशिक्षकों को आनन फानन में पद से हटा दिया गया, अब उन्हें वेतन नहीं...

Dainik Bhaskar

Mar 23, 2018, 04:05 AM IST
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़

पहले तो जिले के 68 जनशिक्षकों को आनन फानन में पद से हटा दिया गया, अब उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। असल में दिक्कत यह है कि यह सभी जन शिक्षक मूल रूप से शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं, जिन्हें प्रतिनियुक्ति पर सर्व शिक्षा अभियान में रखा गया था। पिछले महीने डीपीसी ने इन्हें हटा दिया। शिक्षा विभाग से इन्हें अभी तक वेतन नहीं मिला है। गुरुवार को इसी मुद्दे को लेकर जन शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल राजगढ़ भी पहुंचा, जहां उन्होंने डीपीसी को अपनी परेशानी बताई। वे डीईओ से मिलने भी गए, हालांकि वे नहीं मिल सकीं, जनशिक्षकों ने अपनी परेशानी कार्यालय में दर्ज करवा दी है।

जिनकी वजह से आई परेशानी, वे जन शिक्षक अब भी नहीं हटाए : पूरे मामले में बड़ी बात यह है जिले के सभी जन शिक्षकों को नहीं हटाया गया है, केवल 68 जन शिक्षक ही हटाए गए हैं। नियम के मुताबिक हर 2 साल में जनशिक्षकों और बीआरसी, बीजीसी की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग होती है, लेकिन जिले में बीआरसी, बीजीसी और जन शिक्षकों को 4 से 8 साल हो गए थे।यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में था। विधायक गिरीश भंडारी ने विधानसभा में प्रश्न भी उठाया था। उनकी आपत्ति के केंद्र में लंबे समय से पदों पर नियुक्त बीआरसी, बीजीसी थे, लेकिन डीपीसी कार्यालय से कार्यवाही केवल 68 जनशिक्षकों पर हुई है। बाकी जन शिक्षकों को कोर्ट केस की आड़ में कार्यवाही से मुक्त रखा गया है।

जन शिक्षकों को हटाने के बाद सर्व शिक्षा अभियान ने वेतन देने से मना किया

स्टे की परिभाषा भी बदल दी

सबसे बड़ी बात यह है कि पूर्व में जनशिक्षकों ने काउंसलिंग में शामिल किए जाने की मांग को लेकर कोर्ट से स्टे लिया था, लेकिन पिछले 4 सालों से डीपीसी कार्यालय ने इसे नई भर्ती को स्थगित करने का आधार बनाकर इस्तेमाल किया। इसकी वजह से बीआरसी, बीजीसी और जन शिक्षकों की नई भर्तियां पिछले 4 सालों से हुई ही नहीं।

हमने नोटशीट चला दी है


X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..