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शिक्षा में पिछड़े, फिर भी स्कूलों में नहीं हो रही पढ़ाई, जिला मुख्यालय तक पर कक्षाएं बंद

नीति आयोग ने देशभर के 115 पिछड़े जिलों में राजगढ़ को 15वें स्थान पर रखा है। इसमें खराब शिक्षा व्यवस्था के कारण भी जिले को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 27, 2018, 02:10 AM IST

नीति आयोग ने देशभर के 115 पिछड़े जिलों में राजगढ़ को 15वें स्थान पर रखा है। इसमें खराब शिक्षा व्यवस्था के कारण भी जिले को कमजोर रेटिंग मिली थी लेकिन इसके बावजूद पढ़ाई की व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। सरकार ने निजी स्कूलों के पैटर्न पर दो अप्रैल से स्कूल तो शुरू करा दिए हैं। इसके बावजूद जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के नहीं पहुंचने से इस पर अमल नहीं हो पा रहा। स्कूल खुले 25 दिन का समय बीत गया लेकिन जिला मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय तक में न तो कक्षाएं लग रहीं और न ही स्टाफ स्कूल पहुंच रहा। कलेक्टर के आदेश के बावजूद शहर के तीन प्रमुख हायर सेकंडरी स्कूलों सहित 15 प्राइमरी-मिडिल स्कूलों के ताले भी दोपहर तक नहीं खुल पा रहे।

गर्मी के दिनों में अवकाश और दूसरे सरकारी कार्यक्रमों की वजह से होने वाले व्यवधान से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होता है। इसके चलते मार्च-अप्रैल में परीक्षाओं के बाद बचने वाले समय में पढ़ाई के लिए सरकार ने दो अप्रैल से स्कूल शुरू किए हैं। इस दौरान मनोरंजक एक्टीविटी से पढ़ाई कराई जानी है।

नीति आयोग ने राजगढ़ को देश के 115 पिछड़े जिलों में 15वें स्थान पर रेटिंग दी है, इसमें शिक्षा व्यवस्था भी है वजह

भास्कर लाइव : यह रहे जिला मुख्यालय के तीनों हायर सेकंडरी स्कूलों के हालात

1. जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय

सुबह : 9.25 बजे

हालात : स्कूल के एक कक्ष को छोड़कर सभी कक्ष खाली थे। कक्षा नवीं के पांच बच्चों को एक शिक्षक पढ़ा रहा था। कार्यालय में सिर्फ प्राचार्य आरएस मालवीय और एक अन्य शिक्षक मौजूद थे। पूछने पर श्री मालवीय ने बाकी स्टाफ के जल्द ही आने की बात कही।

2. शासकीय कन्या उमा विद्यालय बाजार

सुबह : 9.35 बजे

हालात : कार्यालय खुला था, प्राचार्य नारायण मसत्कर के अलावा तीन महिला और दो पुरुष शिक्षक मौजूद थे। एक भी कक्षा में कोई छात्र और शिक्षक नहीं मिले। कक्षाएं नहीं लगने और शिक्षकों की कम उपस्थिति पर शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थी नहीं आ रहे, इसलिए बाकी शिक्षक बोर होने के कारण नहीं आए।

3. हायर सेकंडरी स्कूल संकट मोचन बल्डी

सुबह : 9.55 बजे

हालात : स्कूल के मैन गेट पर ताला जड़ा था। जबकि साइड गेट के पास बना आॅफिस खुला था। जिसमें एक-दो शिक्षक ही मौजूद थे। आसपास के लोगों ने बताया कि स्कूल में अब तक एक दिन भी कक्षाएं नहीं लगीं। न ही यहां पदस्थ शिक्षक आ रहे। इससे बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी है।

जिला शिक्षा अधिकारी जयश्री पिल्लई

26 दिन बाद भी जिला मुख्यालय तक में स्कूल नहीं लग रहे ?

स्कूल माॅर्निंग शिफ्ट में लग रहे हैं, इसलिए आपने नहीं देखा होगा।

मॉर्निंग शिफ्ट की ही बात है

सबको नोटिस दिए हैं, वॉट्सएप किए हैं, शुक्रवार को पालक सम्मेलन भी बुलाया है।

स्टाफ नदारद है, नाेटिस नहीं किया जा रहा ?

डीईओ : ऐसा नहीं है, आप फोटो बताएं मैं कार्रवाई करूंगी

सीधी बात

15 मिडिल और प्राइमरी स्कूलों में भी यही हालात मिले

इसके अलावा शहर व पास के 15 मिडिल व प्राइमरी स्कूलों में भास्कर टीम ने जायजा लिया। ड्योड़ी शाला, पुलिस लाइन, गंज स्कूल, पुरा, खोयरी, किशनगढ़, अजितगढ़ सहित अन्य स्कूलों में कुछ शिक्षक ही स्कूल पहुंच रहे हैं। इनमें से भी ज्यादातर नौ बजे के आसपास एकाध घंटे के लिए पहुंच रहे हैं। कक्षाएं नहीं लग रहीं। लेकिन अधिकारी ने इस स्थिति के बावजूद स्कूलों की चैकिंग के लिए कोई दल नही बनाया।

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