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अंधाधुंध ट्यूबवेल खनन और पारंपरिक जल संरचनाओं का खत्म होना

अंधाधुंध ट्यूबवेल खनन और पारंपरिक जल संरचनाओं का खत्म होना कुछ दशक पहले तक शहर की पहचान बेहतर भूजल स्तर को...

Danik Bhaskar | Apr 26, 2018, 04:45 AM IST
अंधाधुंध ट्यूबवेल खनन और पारंपरिक जल संरचनाओं का खत्म होना

कुछ दशक पहले तक शहर की पहचान बेहतर भूजल स्तर को लेकर थी। इसकी खास वजह यहां बड़ी संख्या में रियासतकालीन कुएं, बावड़ी और चौपड़ों की मौजूदगी थी। राजगढ़ जिले में इस तरह की परंपरागत जल इकाइयां सबसे ज्यादा संख्या में यहीं पर थीं। बावड़ियां और चोपड़े भी आखिरी सांसें गिन रहे हैं। इन पारंपरिक जल संरचनाओं को बनाया ही इस तरह जाता था कि बारिश का अधिकतम पानी इनके जरिए जमीन में एकत्र होता था।