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महिलाएं बोलीं- 4 दिन में पानी की व्यवस्था नहीं सुधरी ताे कार्यालय में लगा देंगे ताला

भास्कर संवाददाता |राजगढ़/छापीहेड़ा गर्मी की शुरूआत से ही नगर में जल संकट पैर पसार चुका है। वहीं नप की पानी सप्लाई...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 05:00 AM IST
महिलाएं बोलीं- 4 दिन में पानी की व्यवस्था नहीं सुधरी ताे कार्यालय में लगा देंगे ताला
भास्कर संवाददाता |राजगढ़/छापीहेड़ा

गर्मी की शुरूआत से ही नगर में जल संकट पैर पसार चुका है। वहीं नप की पानी सप्लाई की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। इस बार जल संकट फरवरी से गहरा गया है। जबकि दो माह गर्मी के बाकी है। ऐसे में नप दो दिन में 10 मिनट पानी दे रही है। उसमें भी प्रेशर नहीं होने से ऊंचे क्षेत्र के रहवासियों को 10-15 लीटर पानी मिल पाता है। इस समस्या से दो माह से जूझ रहे नागरिकों सहित महिलाओं ने बुधवार को नप कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया। लेकिन सीएमओ धीरज शर्मा और अध्यक्ष रामकुंवर विजयसिंह मालवीय मौके पर नहीं पहुंचे। करीब 45 मिनट इंतजार के बाद महिलाएं आक्रोशित हो गई। उन्होंने नप कर्मचारी को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि चार दिन में पेयजल व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो महिलाएं नप कार्यालय का घेराव की कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। जरूरत पड़ी को दो-दो हाथ भी किए जाएंगे। ज्ञापन देेने वाले नगर अध्यक्ष भेरूलाल पाटीदार, पार्षद प्रतिनिधि राम प्रसाद वर्मा, पूर्व पार्षद मांगीलाल जायसवाल, हुकुम पाटीदार, मंगल शर्मा, मंगला तिवारी, रिंकूबाई जायसवाल, रेखा वेदिका, ममता सीमा बाई, राजू बाई ले भास्कर को बताया कि हमें रोज के हिसाब से 5 लीटर पानी भी नहीं मिल रहा है।

नहीं हैं पानी के अन्य स्रोत : सुबह से शाम तक पानी के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने बताया कि नगर में ऐसे सार्वजनिक जल स्रोत कुएं, बावड़ी, हैंडपंप व ट्यूबवेल भी नहीं हैं, जिनमें पानी हो। जहां से हम पानी की व्यवस्था कर लें। ऐसे में पानी के लिए बेहद दिक्कतें उठाना पड़ रही हैं। इक्का-दुक्का हैंडपंप पानी दे भी रहे थे, लेकिन अब वह भी जवाब दे रहे हैं। ऐसे में अमीर लोग तो पानी खरीद लेते हैं, लेकिन गरीब लोगों के लिए फजीहत हो रही है।

गर्मी में जल संकट की सोचकर कांप रही रूह

महिलाओं ने बताया कि अभी तो ठीक से गर्मी की शुरूआत भी नहीं हुई है। तब ही जल संकट के यह हाल हैं, तो मई-जून की भीषण गर्मी के दिनों में क्या हाल हाेंगे, यह सोचकर ही रूह कांप रही है। मगर नप के अधिकारी और अध्यक्ष नप में भ्रष्टाचार कर मौज कर रहे हैं।

50 की जगह 75 या अधिक बढ़ाएं टैंकरों का पानी

नगर में सरकारी तीन-चार ट्यूबवेल हैं। जिनका पानी स्टोर करके नगर में सप्लाई किया जाता है। वहीं दो माह से टैंकर से पानी खरीदा जा रहा है। जो रोज करीब 50 टैंकर पानी नप के वाटर वर्क्स की कांकरियों रोड व वार्ड नंबर 14 स्थित पानी की टंकियों में डाला जा रहा है। जो करीब 3 लाख लीटर पानी बनाता है। इसके अलावा ट्यूबवेलों से भी करीब 25 टैंकर पानी नप को मिल जाता है। जो करीब डेढ़ लाख लीटर पानी बनता है। दोनों को मिलाकर साढ़े 4 लाख लीटर पानी बनता है। जिसे नगर की 10 हजार की आबादी में बांटे तो एक व्यक्ति पर प्रतिदिन के हिसाब से 45 लीटर पानी मिलना चाहिए। लेकिन दो दिन में 10 मिनट नल खोलकर करीब 20 लीटर पानी भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

नगर परिषद रोज खरीद रही 50 टैंकर पानी, लोगों को मिल रहा दो दिन में 10-15 लीटर पानी

पानी की समस्या को लेकर नप कार्यालय में हंगामा कर ज्ञापन देती महिलाएं।

नप में ही थोड़े बैठा रहूंगा


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