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फसल सिंचाई के लिए चाहिए बिजली, पर 24 घंटे सप्लाई वाली अटल ज्याेति याेजना में भी 8-10 घंटे ही मिल रही

एक वर्ष पहले
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जिले में इन दिनों बिजली वितरण कंपनी की लापरवाही के चलते बिजली उपभोक्ताओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय अधिकांश किसान फसलों में सिंचाई कर रहे हैं। इसके लिए किसानों को बिजली की जरूरत भी है, लेकिन खेतों में पकी खड़ी रबी फसलों पर बिजली के तारों में फाल्ट होने व तार टूटने से आगजनी की घटनाओं का संकट भी मंडराने रहा है। इससे किसान अब मजबूरी में बिजली कार्यालय में स्वयं दिन के समय बिजली बंद रखने के लिए आवेदन दे रहे हैं। इससे अधिकारियों द्वारा बिजली सप्लाई प्रभावित की जा रही है। उधर, पंप लाइन की बिजली बंद रखने के बहाने के बहाने अटल ज्योति की बिजली सप्लाई में दिन भर के लिए बंद की जा रही है। इससे ग्रामीणों को गर्मी के साथ जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल बिजली कंपनी ताराें का ठीक से मेंटेनेंस नहीं करती इसलिए हर साल गर्मी में तार टूटकर गिरते हैं। इससे फसलें जलने की घटनाएं हाेती है। इससे किसान डरे हुए हैं अाैर मजबूरी में दिन में बिजली सप्लाई बंद रखने के लिए अावेदन दे रहे हैं।

24 घंटे सप्लाई वाली अटल ज्याेति याेजना में दे रहे 8 घंटे बिजली

बिजली वितरण कंपनी ग्रामीण ब्यावरा के तहत आने वाले चाठा के ग्रिड से रोजाना घंटों तक दिन के समय अटल ज्योति की बिजली सप्लाई बंद रखी जा रही है। इस ग्रिड से मोया, चाठा, सुल्तानपुरा, महाबल, कीलखेड़ा, खांकरा, पड़िया सहित तीन दर्जन से अधिक गांवों में पंप और अटल ज्योति की बिजली सप्लाई होती है। दोनों लाइनों का शेड्यूल और ट्रांसफार्मर भी अलग अलग है। लेकिन हालत यह है कि पंप लाइन चालू होते ही अटल ज्योति की सप्लाई प्रभावित कर दी जाती है। चाठा ग्रिड के तहत आने वाले मोया गांव के बनेसिंह, राधेश्याम, रोहित, चाठा के सोनू, देवीसिंह, अनारसिंह सहित कई लोगों ने बताया कि अब अटल ज्योति याेजना में चौबीस घंटे बिजली की जगह 12-15 घंटे ही बिजली दी जा रही है।

आगजनी से फसल चौपट न हो जाए, इसलिए किसान बंद करा रहे बिजली

गर्मी का सीजन शुरू होते ही हवाएं चलने लगी हैं। तेज हवा चलने से बिजली के तारों में फाल्ट आने के साथ तार टूटकर गिर जाते हैं। जिससे निकले वाली चिंगारी से आग लग सकती है। किसान रामप्रसाद जाटव, भारत सिंह जाटव, बद्रीलाल यादव अादि किसानों ने बताया बिजली कंपनी द्वारा बारिश पूर्व तारों का मेंटनेंस नहीं करती है। इससे तार झूल रहे हैं और हवा चलने से आपस में टकराने व टूटने की घटनाएं हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि इस समय गेहूं, धनिया, चना, सरसों, मटर सहित रबी की सभी फसलें खेतों में पककर कटने के लिए तैयार हैं और काटी भी जा रही हैं। ऐसे में यदि तार टूटने एक चिंगारी भी फसलों पर गिर गई तो एक साथ कई किसानों की फसलें चौपट हो सकती हैं। वहीं हवा चलने से आग पर काबू भी नहीं पाया जा सकता। इसको लेकर कई गांव के करीब एक दर्जन किसानों ने दिन के समय पंप लाइन की सप्लाई बंद रखने की मांग को लेकर एई एके मिश्रा को लिखित आवेदन दिए गए हैं।

बिजली कटौती से प्रभावित हो रही
पानी सप्लाई


मोया पंचायत के वाटर सप्लायर रामचंद्र यादव ने बताया कि गांव की नल जल योजना की ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर अटल ज्योति योजना की लाइन से जुड़ा है। जो दिन के समय बंद कर दी जाती है, या एक व दो फेस की सप्लाई रोक दी जाती है। इस कारण दिन के समय ट्यूबवेल नहीं चलने से संपवेल में पानी एकत्रित नहीं हो पाता है। जिससे गांव में पर्याप्त एवं समय पर पानी की सप्लाई नहीं हो पाती है।

मोया सहित कई गांवों में प्रभावित हो रही नल जल योजना, पानी का समस्या बनी, किसान परेशान

मनमाने ढंग से बिजली कटौती होने से परेशान हो रहे लोग।

किसान ही बंद करवा रहे बिजली

-एके मिश्रा, एई, बिजली वितरण कंपनी, ब्यावरा
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