पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Sarangpur News Mp News The Term Of All 622 Sarpanches Is Over Committees Will Work Now But Not Yet Formed

सभी 622 सरपंचों का कार्यकाल खत्म, अब समितियां करेंगी काम, पर अभी बनाईं नहीं

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जिलेभर में पांच साल पहले त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हुआ था। गुरुवार को ग्राम पंचायत के पंच एवं सरपंचों का कार्यकाल पूरा हो गया है। इसी तरह 26 मार्च को जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के अध्यक्षाें अाैर सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा।

अभी ग्राम पंचायतों के चुनावों की तारीख नहीं आई, लेकिन गुरुवार को 622 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हो गया। हालांकि इसके बाद भी पंचों-सरपंचों की ताकत बनी रहेगी। सरपंच अब प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष के तौर पर सचिव के साथ मिलकर खातों से पैसा निकाल
सकेंगे और भुगतान कर सकेंगे।शासन ने पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर सरपंच के हस्ताक्षर से पंचायत के एकाउंट से पैसा निकालने और भुगतान करने पर रोक लगा दी है। ये आदेश 7 मार्च को जारी किए गए हैं।

सरपंचों को खाते से भुगतान बंद, अब अपर सचिव ने दिया आदेश- बनाएं प्रशासनिक समितियां

सरपंचाें काे एकाउंट से भुगतान पर राेक लगाए जाने के अगले ही दिन 8 तारीख को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर सचिव शोभा निकुम ने कलेक्टरों को आदेश जारी कर प्रशासनिक समितियां बनाने के लिए कहा है। इन समितियों का अध्यक्ष उस सरपंच को बनाया जाएगा, जिसका कार्यकाल खत्म हो रहा है। ये अध्यक्ष पंचायत के कार्यों के लिए बैंक के कामकाज और चेक पर हस्ताक्षर पहले की तरह सचिव के साथ कर पाएंगे। ग्राम पंचायत चुनाव होने तक यह समिति ही पंचायत का संचालन करेगी।

दाे मनोनीत पंचाें को भी बनाया जाएगा सदस्य

नए निर्देश में साफ है कि जो पंच अभी के कार्यकाल में हैं, उन्हें इस प्रशासकीय समिति में सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा दो सदस्य मनोनीत किए जाएंगे। इन दोनों सदस्यों का गांव की निर्वाचन नामावली में नाम होना चाहिए। अगर दो मनोनीत सदस्य नहीं भी हैं तो भी प्रशासकीय समिति अपना काम करेगी।

26 मार्च को जनपद पंचायत और जिला पंचायत का भी हाेगा कार्यकाल खत्म

जनपद से प्रस्ताव मांगे, पर समय-सीमा तय नहीं

जिपं सीईओ मृणाल मीणा ने बताया कि जिन ग्राम पंचायत में प्रशासनिक समिति बनाई जानी है, इसके लिए जपं स्तर से ग्राम पंचायतवार समिति बनाने का प्रस्ताव मंगाया है। लेकिन यह प्रस्ताव कब तक बनकर तैयार होंगे और कब जिपं पहुंचेंगे, इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई। इसके चलते इस बीच ग्राम पंचायत के विकास कार्य ठप्प रहेंगे, क्योंकि पंचायत में सरपंच व सचिव को वित्तीय अधिकार होते हैं। ऐसे में सरपंच का कार्यकाल खत्म होने से सचिव अकेले राशि को खर्च करने और भुगतान करने में सक्षम नहीं रहेंगे।

ऐसे बनेगी प्रशासनिक समिति

पंचायत कार्यकाल समाप्त होने पर सरपंच को प्रशासनिक समिति का प्रधान बनाया जाएगा। इस समिति के लिए दो सदस्य मनोनीत किए जाएंगे। जिनका नाम पंचायत की मतदाता सूची में होगा। पंचायत चुनाव तक ये समिति पंचायत का संचालन करेगी।

पहली बैठक से मानी जाती है कार्यकाल की शुरुअात

जिले में 627 ग्राम पंचायत थीं। कुछ पंचायतों का विलय होने से संख्या अब 622 रह गई है। इन सभी पंचायत के सरपंच व पंच का कार्यकाल 12 मार्च यानी गुरूवार को खत्म हो गया है। पंचायत का 5 साल का कार्यकाल उस दिन से माना जाता है, जब चुनाव के बाद पहली बैठक होती है। साल 2015 की 10 से 12 मार्च के बीच सभी पंचायतों की बैठक हुई थी।

जनपद सीईओ को प्रस्ताव भेजने को कहा है

–मृणाल मीणा, जिपं सीईओ राजगढ़

जपं अाैर जिपं में सीईअाे पर ही रहेंगे वित्तीय अधिकार

जपं खिलचीपुर, जीरापुर, राजगढ़, ब्यावरा, सारंगपुर और नरसिंहगढ़ का कार्यकाल 26 मार्च को खत्म हो रहा है। इसी दिन जिपं का कार्यकाल भी खत्म होगा लेकिन इनके अध्यक्ष व सदस्य को वित्तीय पावर नहीं है। इसके चलते सीईओ को ही वित्तीय अधिकार रहेंगे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कार्यकाल को बढ़ाने की स्थिति में क्या होगा इसके कोई निर्देश नहीं हैं।
खबरें और भी हैं...