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बस संचालन के लिए डूब क्षेत्र में छात्रों व लोगों ने किया चक्काजाम

नबआं प्रमुख मेधा पाटकर की अगुवाई में किया प्रदर्शन भास्कर संवाददाता | बड़वानी सरदार सरोवर परियोजना के डूब...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 04:05 AM IST
नबआं प्रमुख मेधा पाटकर की अगुवाई में किया प्रदर्शन

भास्कर संवाददाता | बड़वानी

सरदार सरोवर परियोजना के डूब प्रभावित गांवों में बस सुविधा की मांग को लेकर बुधवार 10 गांवों के ग्रामीणों ने रास्ता रोककर विराेध जताया। नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख मेधा पाटकर की अगुवाई में छात्रों, कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने भंवरिया फाटा (निसरपुर) और गणपुर चौकड़ी पर बसों को रोका। उन्हें मूल गांवों से आवाजाही करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को आवाजाही में सुविधा हो।

नर्मदा का जलस्तर बढ़ने पर धार व बड़वानी के अफसरों ने 3 सितंबर से आवाजाही पर रोक लगा दी थी। जलस्तर कम होने के बाद भी वैकल्पिक मार्ग पर बसों का संचालन जारी है। इसके चलते ग्रामीणों के साथ बस संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं ने सुबह 10.30 बजे से गणपुर चौकड़ी में धरना देकर विरोध जताया। आंदोलन कार्यकर्ता भागीरथ धनगर व देवराम कनेरा ने बताया मूल गांवों से निकलने वाली बसों को रूट बदलने से हाट-बाजार व कारोबार प्रभावित हुआ है। ग्राम खापरखेड़ा के 15, चिखल्दा के 30, निसरपुर के 400 व्यापारियों का रोजगार खत्म हो गया है। कोटेश्वर धार्मिक स्थल भी यात्रियों की संख्या प्रभावित हुई है। कई बच्चे बड़वानी के स्कूलों में पढ़ने आते हैं। राजघाट पुल से बसों की आवाजाही बंद होने से परिजनों को छोड़ने आना पड़ रहा है। उन्होंने पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं कराने पर नाराजगी जताई। दुकानें नहीं बनी है। कई व्यापारियों को प्लाट देना बाकी है। पिछले साल आंदोलन के संघर्ष के दौरान व्यापारियों का सर्वे किया गया था। पुनर्वास स्थलों पर शिकायत निवारण प्राधिकरण के 28 नवंबर 2017 और सुप्रीम कोर्ट के 8 फरवरी 2017 के आदेशों के अनुसार व नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले अनुसार सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। मंजू पाटीदार, सुरेश प्रधान, देवेंद्र कामदार, राजेंद्र रूपश्री, गंगा बहन कामदार, जगदीश धनगर, जाहिर भाई मंसूरी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

गणपुर चौकड़ी में रास्ता रोकते छात्रों के साथ आंदोलन कार्यकर्ता।

हादसा होने पर बीमा कंपनी नहीं लेगी क्लेम

प्राइवेट बस ऑनर्स कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को आवेदन देकर परमिट के अनुसार निर्धारित रूट से बस संचालन शुरू कराने की मांग की थी। अब तक कार्रवाई नहीं हुई। समिति अध्यक्ष भंवरसिंह तोमर ने बताया राजघाट पुल से बसाें का आवागमन बंद है। वैकल्पिक मार्ग छोटी कसरावद, पुल से गणपुर चौकड़ी, होकर धार, अलीराजपुर, कुक्षी, झाबुआ, जोबट वडोदरा के लिए संचालित है। बसों के परमिट राजघाट, चिखल्दा, गणपुर, निसरपुर के हैं। ऐसे में परिवर्तित मार्ग पर बस संचालन के दौरान हादसा होने की स्थिति में बीमा कंपनी क्लेम स्वीकार नहीं करेगी।

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