• Home
  • Mp
  • Ratlam
  • आचार्य रामलालजी के चातुर्मास में ना माइक होगा और ना स्वागत द्वार लगेगा
--Advertisement--

आचार्य रामलालजी के चातुर्मास में ना माइक होगा और ना स्वागत द्वार लगेगा

जैन धर्मावलंबियों का चातुर्मास जुलाई में शुरू होगा। चातुर्मास के दौरान चार महीने तक साधु-साध्वी एक ही स्थान पर...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:25 AM IST
जैन धर्मावलंबियों का चातुर्मास जुलाई में शुरू होगा। चातुर्मास के दौरान चार महीने तक साधु-साध्वी एक ही स्थान पर ठहर कर धर्म की गंगा प्रवाहित करेंगे। इस बार यह चातुर्मास शहरवासियों के लिए विशेष रहेगा।

जैन समाज के बड़े संत आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलालजी ने वर्ष 2018 का चातुर्मास रतलाम में करने की घोषणा की। इसके बाद से समाजजन चातुर्मास की तैयारियों में जुट गए। समाजजन के मुताबिक चातुर्मास के दौरान शहर में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। विशेष बात यह है कि आचार्यश्री अपना चातुर्मास पूरी तरह सादगी से करेंगे, यानी ना तो कोई माइक होगा और ना ही शहर में कोई स्वागत द्वार या होर्डिंग बनवाए जाएंगे। आचार्यश्री के रतलाम में चातुर्मास करने की घोषणा के बाद से समाजजन में अपार उत्साह है। वैसे तो चातुर्मास की शुरुआत जुलाई में होगी लेकिन चातुर्मास की तैयारियों का दौर 4 महीने पहले शुरू हो गया है। चातुर्मास संयोजक महेंद्र गादिया ने बताया आचार्य रामलालजी का चातुर्मास शहर में होना सौभाग्य की बात है। घोषणा के बाद से साधुमार्गी जैन संघ, साधुमार्गी महिला मंडल, समता युवा संघ, समता बहू मंडल, समता बालक मंडल व बालिका मंडल के करीब 1 हजार कार्यकर्ताओं की टीम तैयारियों में जुट गई है। चातुर्मास की शुरुआत 27 जुलाई से होना है। आचार्यश्री का शहर में प्रवेश भी जुलाई में होने की संभावना है। आचार्यश्री बिना माइक के प्रवचन देंगे। चातुर्मास को लेकर अध्यक्ष मदनलाल कटारिया, सचिव सुशील गोरेचा, चातुर्मास सहसंयोजक कांतिलाल छाजेड़ व निर्मल मूणत आदि व्यवस्थाओं में जुटे हैं।

29 साल बाद रतलाम में होगा चातुर्मास - आचार्यश्री का शहर में दूसरी बार आगमन होगा। इससे पहले 29 साल पहले जब वे युवाचार्य थे तब उनका रतलाम में आगमन हुआ था। आचार्यश्री चातुर्मास के दौरान नौलाईपुरा स्थित समता भवन में रुके थे।

छोटू भाई की बगीची में विराजेंगे, 500 से ज्यादा कमरे प्रतिदिन रहेंगे बुक

चातुर्मास के दौरान आचार्यश्री छोटू भाई की बगीची में विराजेंगे। आचार्यश्री के साथ 75 संतों के आने की भी संभावना है। फिलहाल आचार्य श्री के प्रवचन कहां होंगे, इसके लिए जगह का चयन करने का काम चल रहा है। चातुर्मास के दौरान शहर में देशभर से लाखों लोगों के आने का अनुमान है। गादिया ने बताया शहर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास व भोजन की व्यवस्था करना हमारी प्राथमिकता में है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था अलग से की जाएगी। वहीं ठहरने के लिए फिलहाल 500 से ज्यादा कमरों की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान प्रतिदिन 100 लोग अपना चौका भी यहीं लगाएंगे। सभी संभावनाओं को देखते हुए कमरा व किचन की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में तैयारियां की जा रही हैं।