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ट्रैकमैनों को ओपन-टू-ऑल परीक्षा की पात्रता और कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिया जाए

पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद का कार्यकर्ता सम्मेलन रविवार को भारतीय रेलवे मजदूर संघ (बीआरएमएस) के राष्ट्रीय...

Danik Bhaskar

Apr 02, 2018, 04:25 AM IST
पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद का कार्यकर्ता सम्मेलन रविवार को भारतीय रेलवे मजदूर संघ (बीआरएमएस) के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक शुक्ला की उपस्थिति में गांधीनगर स्थित सागर रेस्ट हाउस में हुआ। इसमें मंडल के कर्मचारियों ने महामंत्री को अपनी समस्याएं बताईं। राष्ट्रीय महामंत्री ने समस्याओं काे हर स्तर पर उठाने व समाधान कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कर्मचारियों से हर मोर्चे पर डटकर काम करते हुए परिषद को मजबूत बनाने पर जोर दिया। अतिथियों में पीआरकेपी महामंत्री शिवलहरी शर्मा, अध्यक्ष महेश शुक्ला व दिलीप मेहता भी मौजूद रहे।

सम्मेलन में मंडल मंत्री सुनील दुबे ने ट्रैकमैनों के लिए ओपन-टू-आल परीक्षा की पात्रता देने, टीआरडी एवं एसएंडटी के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस देने सहित अन्य मांगें उठाईं। दुबे ने बताया राष्ट्रीय महामंत्री को 16 विभागों के कर्मचारियों ने ज्वलंत समस्याएं उठाकर मेमोरेंडम दिया। इनमें रनिंग शाखा के मंडल अध्यक्ष प्रकाश परमार, ट्रैकमैन एसोसिएशन के रणधीर गुर्जर, रंजीत, रामराज मीणा, बृजेश पांडेय, सुरेश मीणा, प्रशांत पांडे सहित अन्य शामिल रहे। अंतिम सत्र के प्रारंभ में कल्याणसिंह भदौरिया ने श्रमिक गीत प्रस्तुत किया। सम्मेलन में बाबूलाल मीणा, सुरेश मीणा, बृजेश पांडे, विजय तरवाड़ी, राजेश वर्मा, गोकुल सिंह, दिलीप कुमायूं, सीताराम मालवीय, कैलाश भावसार सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन एसएन शर्मा ने किया। मंडल मंत्री दुबे ने बताया मार्च में पीआरकेपी मंडल कार्यालय व दाहोद वर्कशॉप पर रेल प्रशासन के मान्यता प्राप्त संगठनों के दबाव में कर्मचारी विरोधी नीति अपनाने का विरोध कर धरना-प्रदर्शन करेगी।

ट्रेड यूनियनों के दबाव में रेलकर्मियों के साथ रेलवे प्रशासन द्वारा किया जा रहा है भेदभाव

सेफ्टी को अव्वल बताने वाली रेलवे अपने ही मानकों का उल्लंघन कर रही है। ठेकेदारी प्रथा जोर पकड़ रही है। इसका असर काम पर पड़ रहा है। मजदूरों का शोषण हो रहा है। रेलवे प्रबंधन ट्रेड यूनियनों के दबाव में कर्मचारियों के साथ भेदभाव कर रहा है। यह कहना है भारतीय रेलवे मजदूर संघ राष्ट्रीय महामंत्री अशोक शुक्ला का। वे मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया ट्रेड यूनियनें मेंबरशिप देकर चंदा लेती है। वहीं कर्मचारी परिषद सिर्फ मेंबरशिप देकर कर्मचारी हित की लड़ाई लड़ रही है। रेगुलेटरी एक्ट के तहत नियमित कार्य नियमित कर्मचारियों से ही लेना चाहिए लेकिन रेलवे लगातार प्राइवेटाइजेशन कर रहा है। इससे नुकसान हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर विरोध करने के लिए 2 से 18 अप्रैल तक देशभर में डीआरएम कार्यालय पर प्रदर्शन होगा। 18 जुलाई को महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर धरना देंगे।

संबोधित करते शुक्ला।

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