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स्टेशन व कॉलोनी में लगाई 2100 एलईडी लाइट, 100 फीसदी कन्वर्जन वाला पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बना रतलाम

बिजली खपत कम करने के लिए स्टेशन और रेलवे कॉलोनी का 100 प्रतिशत एलईडी कन्वर्जन करके रतलाम मंडल मुख्यालय ने पश्चिम...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:30 AM IST
बिजली खपत कम करने के लिए स्टेशन और रेलवे कॉलोनी का 100 प्रतिशत एलईडी कन्वर्जन करके रतलाम मंडल मुख्यालय ने पश्चिम रेलवे में पहला स्थान बना लिया है।

सालभर से चल रहे कन्वर्जन में अब तक रेलवे 2100 एलईडी लाइट लगा चुका है। इनमें 1400 ट्यूब लाइट और 700 स्ट्रीट लाइट शामिल हैं। इससे बिजली की खपत 800 किलोवॉट प्रतिमाह से घटकर लगभग आधी रह गई है। इसका सीधा असर बिजली बिल पर पड़ा है। सालभर पहले तक रेलवे बिजली वितरण कंपनी को हर माह लगभग 10.5 लाख रुपए का भुगतान करती थी, अब आंकड़ा 4.8 लाख रुपए तक सिमट गया है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब इलेक्ट्रिकल विभाग रतलाम सामान्य सेवा एसएसई पावर कार्यालयों और रेलवे कॉलोनियों के पंखों को भी एनर्जी एफिशिएंसी पंखों में बदल रही है। इतना ही स्टेशन और डीआरएम कार्यालय के अधिकारियों के चैंबर में लगे पुराने 110 से ज्यादा एयर कंडीशनर को रिप्लेस कर सेवन स्टारर एनर्जी एफिशिएंसी एसी लगाए जा रहे हैं।

मंडल के सारे स्टेशनों पर हो जाएगा एलईडी कन्वर्जन

मंडल के सारे स्टेशनों पर हो जाएगा एलईडी कन्वर्जन

सिर्फ यही नहीं आगामी एक से दो माह में मंडल के सारे 119 स्टेशनों पर एलईडी कन्वर्जन का काम पूरा हो जाएगा। सारे स्टेशनों का काम लगभग हो चुका है, जबकि कुछ स्टेशनों में कॉलोनियों में एलईडी लगाने का काम अंतिम दौर में हैं। डीआरएम आरएन सुनकर ने काम और तेजी से करने के निर्देश दे दिए हैं।

सिर्फ यही नहीं आगामी एक से दो माह में मंडल के सारे 119 स्टेशनों पर एलईडी कन्वर्जन का काम पूरा हो जाएगा। सारे स्टेशनों का काम लगभग हो चुका है, जबकि कुछ स्टेशनों में कॉलोनियों में एलईडी लगाने का काम अंतिम दौर में हैं। डीआरएम आरएन सुनकर ने काम और तेजी से करने के निर्देश दे दिए हैं।

अब सौर ऊर्जा से रोशन होगा रेलवे स्टेशन

रेलवे पूरा स्टेशन परिसर सौर ऊर्जा से रोशन करने की कोशिश में है। इसके लिए स्टेशन के सभी छह प्लेटफॉर्मों की छत पर सोलर प्लेट्स लगाई जा रही हैं। 200 किलोवाट का सोलर प्लांट मई तक तैयार हो जाएगा। इसके अलावा नौगांवा स्टेशन पर 12.28 किलोवाट, रूनीजा में 9.45 किलोवाट और बांगरोद में 9.35 किलोवाट के सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। वहीं उज्जैन स्टेशन का सोलर प्लांट शुरू हो गया है। यह काम नोएडा की हीरो मोटोकॉप और एयूजर कंपनी कर रही है। खास यह कि रेलवे की पूर्ति के बाद जितनी बिजली बचेगी रेलवे उसे बिजली कंपनी को बेच देगा, इससे भी उसका बिजली का बिल कम होगा।

जल्द काम पूरा हो जाएगा

पीआरओ जेके जयंत ने बताया कि रेलवे बिजली की खपत को कम करने के लिए स्टेशनों और कॉलोनियों की लाइट को एलईडी में बदल रही है। काम तेजी से किया जा रहा है, जल्द ही सारे स्टेशन का काम पूरा हो जाएगा।