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बाजना बस स्टैंड फोरलेन : निजी जमीन पर नाली बनाने से नाराज रहवासी अब कोर्ट की लेंगे शरण, काम रुका

बाजना बस स्टैंड के रहवासियों ने उनकी जमीन पर नाली खोदने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी तो फोरलेन का काम फिर रुक गया।...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 05:05 AM IST
बाजना बस स्टैंड के रहवासियों ने उनकी जमीन पर नाली खोदने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी तो फोरलेन का काम फिर रुक गया। प्रशासन के कहने पर लोगों ने दुकानों और मकानों के आगे के हिस्से जरूर तोड़ लिए। प्रशासन ने छोड़ी गई जगह खाली रखने के बजाय उस पर नाली खोदना शुरू कर दिया तो लोग नाराज हो गए। आखिर पीडब्ल्यूडी को निर्माण रोकना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार रोड के लिए जो जगह चाहिए वह ली जाएगी। कोर्ट जाने वालों के दस्तावेज वहां पेश किए जाएंगे।

बाजना बस स्टैंड से रेलवे पुलिया तक 3.6 किमी के फोरलेन बनाने में लगातार अड़चनें आ रही हैं। पहले रहवासी 104 की बजाय 80 फीट का फोरलेन बनाने की मांग को लेकर अड़ गए थे। ज्ञापन से लेकर कुछ लोग कोर्ट तक पहुंचे। आखिरी प्रशासन ने जो लोग कोर्ट गए और जिनमें फैसला आना बाकी था उनके मकान को छोड़कर बाकी को समझाइश दी तो वे अपने मकान-दुकान का अगला हिस्सा तोड़ने को लेकर मान गए। लोगों ने मकान-दुकान तोड़कर 10 से 15 फीट जगह दे दी। पीडब्ल्यूडी ने लोगों की निजी जमीन पर नाली खोदना शुरू कर दिया, इससे क्षेत्रवासी नाराज हो गए। क्षेत्र के राजेंद्र कुमार ने बताया प्रशासन ने जगह मांगी तो हमने फोरलेन के लिए जगह दे दी। प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि एमओएस (मिनिमम ओपन स्पेस) के नाम पर लोगों से ली जा रही निजी जमीन खाली रखी जाएगी लेकिन अब उस पर पीडब्ल्यूडी ने नाली खोदना शुरू कर दिया है। इसका सभी विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग इस मामले में कोर्ट भी जा रहे हैं।

अधिकारी बोले-104 फीट चौड़ा फोरलेन बनाया जाएगा, इसके लिए जरूरी जमीन नियमानुसार ली जाएगी

जमीन का मुआवजा नहीं दे रहे, सरकारी नाली बना रहे

क्षेत्रवासियों ने बताया हमारी जमीन प्रशासन ने ली और उसका मुआवजा देने के बजाय उस पर नाली बनवाना शुरू कर दिया। प्रशासन लगातार हम पर ज्यादती करने में लगा है। कई लोग चार साल पहले कोर्ट गए थे और उन्हें वहां से न्याय मिला था। उनकी जमीन पर उन्हें हक मिला था और अतिक्रमण के नाम पर दुकानें हटवाने वाले नगर निगम के अधिकारियों को माफी मांगना पड़ी थी। इसी तरह हमें कोर्ट पर विश्वास है कि हमें फिर न्याय मिलेगा और अधिकारियों को मुंह की खानी पड़ेगी।

कोर्ट जाने वालों के दस्तावेज पेश करेंगे