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आधार कार्ड में कई विसंगतियां, 10 तक जानकारी अपलोड नहीं की तो आरटीई की राशि नहीं मिलेगी

आरटीई (शिक्षा का अधिकार) में पढ़ने वाले 2000 से ज्यादा बच्चों को प्रतिपूर्ति की राशि का भुगतान होना है। इसके लिए आधार...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 05:10 AM IST
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) में पढ़ने वाले 2000 से ज्यादा बच्चों को प्रतिपूर्ति की राशि का भुगतान होना है। इसके लिए आधार का सत्यापन हो रहा है। आधार में कई विसंगतियां हैं। इससे सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस बीच डीपीसी ने 10 मार्च तक जानकारी अपडेट नहीं करने पर राशि नहीं देने का आदेश जारी किया है। इससे स्कूल संचालक नाराज है और कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

आरटीई की राशि का भुगतान 2016-17 में पढ़ाए गए बच्चों को होना है। यह राशि अब तक मिल जाना थी लेकिन दूसरा सत्र शुरू हो गया है अब तक राशि नहीं मिली। फीस प्रतिपूर्ति के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने आधार सत्यापन जरूरी कर दिया है। कई बच्चों के पास आधार नहीं है। जिन बच्चों के पास आधार है उनमें से किसी में नाम गलत है तो किसी में सरनेम गलत है। इससे सत्यापन नहीं हो रहा है। यह स्थिति अकेले रतलाम की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की है। अब डीपीसी आर. के. त्रिपाठी ने एक नया आदेश जारी कर दिया है। इसमें आरटीई की राशि की प्रतिपूर्ति के लिए 10 मार्च तक बच्चों की जानकारी अपडेट करने के निर्देश स्कूलों को दिए है। आदेश में कहा गया है कि 10 तक पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं करने पर पर यह माना जाएगा कि स्कूलों को फीस की जरूरत नहीं है। जिसकी जानकारी राज्य शिक्षा केंद्र को भेज दी जाएगी। यदि कोई भी छात्र फीस प्रतिपूर्ति के लिए स्कूल से बाहर किया जाएगा तो संबंधित स्कूल संचालक जवाबदार होगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश से स्कूल संचालकों में नाराजगी है और वे कोर्ट जाने की तैयारी में है।

यह तो तुगलकी फरमान है

मप्र प्रांतीय शिक्षण संस्था संघ के दीपेश ओझा ने बताया हम खुद चाहते हैं कि बच्चों का सत्यापन हो लेकिन एसएसएसएमआईडी, आधार कार्ड मैच नहीं हो रहे हैं। एक-दो स्कूल नहीं बल्कि सभी स्कूलों की दिक्कत है। ऐसे में केंद्र को हमारी मदद करना चाहिए उल्टे तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे हैं। पहले स्कूल वालों से नि:शुल्क पढ़ाई करवा ली। अब बोल रहे हैं कि कार्रवाई करेंगे। इसके खिलाफ कोर्ट की शरण ली जाएगी।