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रविदास जयंती पर नशामुक्ति और स्वच्छता की शपथ ली, चल समारोह में गूंजे जयकारे

आदिवासी एकता परिषद, अभा भील समाज, आदिवासी अधिकारी कर्मचारी संगठन, छात्र संगठन, जयस, वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 06:25 AM IST
आदिवासी एकता परिषद, अभा भील समाज, आदिवासी अधिकारी कर्मचारी संगठन, छात्र संगठन, जयस, वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम दंतोड़ा में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई। अध्यक्षता सरपंच जगदीश डामर ने की। मुख्य अतिथि नंदराम पाटीदार, बालाराम डामर, विशेष अतिथि कैलाश पाटीदार, सूरतलाल डामर आदि थे। कार्यक्रम में संत रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर, टंट्या मामा, बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रार्थना की। नशामुक्ति के लिए सभी ने संकल्प लिया। इस दौरान स्वच्छता की शपथ भी ली।

संत रविदास जयंती पर निकला चल समारोह

पिपलौदा | संत शिरोमणि रविदास जयंती पर समाजजन द्वारा नगर में चल समारोह निकाला गया। चल समारोह का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। नई आबादी स्थित संत रविदास मंदिर पर संत रविदास की प्रतिमा व डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर आयोजन की शुरुआत की गई। चल समारोह में बैंड, ठोल, डीजे, बग्घी व रथ आकर्षण का केंद्र रहा। रविदास मंदिर से आरंभ हुआ चल समारोह नई आबादी, अम्बे चौक, पुराना बस स्टैंड, चमन चौराहा, जवाहर चौक, झंडा चौक, नाका न.2, केशरपुरा, नाका न.1 होते हुए पुनः रविदास मंदिर पर पहुंचा जहां प्रसादी का वितरण किया गया। झंडा चौक पर भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश मोगरा के नेतृत्व में व जवाहर चौक पर न.प. अध्यक्ष श्याम बिहारी पटेल के नेतृत्व में चल समारोह का स्वागत किया। शिक्षक कालूराम यादव, पूनमचंद बोस, मदन धमानिया, पृथ्वीराज बोस, पुष्पेंद्र बोस ,पार्षद प्रहलाद चौहान, टोनी जैन, प्रफुल्ल जैन शामिल हुए।

संत रविदास ने समाज िक कुरीतियांे को दूर किया

बिलपांक | संत शिरोमणि गुरु रविदास का 641वां जन्मोत्सव बिलपांक में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। रविदासजी की शोभायात्रा में सभी समाज की भागीदारी रहे ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आग्रह किया। बदनारा रोड चौराहे पर मंच लगाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। जितेंद्र सोनार्थी ने बताया संत रविदास ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर समाज में समानता का भाव जाग्रत किया। उन्होंने अपने दोहों के माध्यम से समाज में भेदभाव पर कुठाराघात कर संपूर्ण मानव जाति को समानता का संदेश दिया।