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हर साल होगा 750 वैगन का पीरियोडिक ओवरहॉलिंग व 1800 वैगन का मेंटेनेंस

पश्चिम रेलवे के सबसे पुराने दाहोद स्थित रेल वर्कशॉप में अब हर साल 750 वैगन की पीरियोडिक ओवरहॉलिंग और 1800 वैगन का...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 07:20 AM IST
पश्चिम रेलवे के सबसे पुराने दाहोद स्थित रेल वर्कशॉप में अब हर साल 750 वैगन की पीरियोडिक ओवरहॉलिंग और 1800 वैगन का अनुरक्षण हो सकेगा। यह सब होगा 90 करोड़ से होने वाले लोको, कैरिज एवं वैगन वर्कशॉप के आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि से। बजट में 51 करोड़ की मंजूरी के बाद बुधवार को रेल राज्य मंत्री राजेश गोहेन और केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सिंह भाभोर ने आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि कार्य का शिलान्यास किया। समारोह में गोहेन ने कहा इससे सेवाओं में सुधार के साथ ही विकास को भी बल मिलेगा। प्रारंभ में पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक राहुल जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। भाभोर ने रेल राज्य मंत्री गोहेन का साफा पहनाकर, धनुष भाण प्रदान कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर, मुख्य कारखाना प्रबंधक एनडी शाक्यवार सहित रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संचालन जनसंपर्क अधिकारी मुंबई मुख्यालय नितिन कुमार डेविड ने किया।

जहां इलेक्ट्रिक इंजिन के मिड टर्म रिहैबिलिटेशन करने वाला रेलवे का एकमात्र वर्कशॉप - 1931 में स्थापित दाहोद रेल वर्कशॉप पश्चिम रेलवे का सबसे पुराना वर्कशॉप है। भाप इंजन बंद होने के बाद वर्तमान में यहां लोको, कैरिज तथा वैगनों के पीओएच संबंधी कार्य किए जाते हैं। महत्वपूर्ण इसलिए क्योंकि यह भारतीय रेलवे का एकमात्र कारखाना है, जहां इलेक्ट्रिक इंजनों का मिड टर्म रिहैबिलिटेशन किया जाता है। साथ ही मेमू, डेमू तथा टॉवर वैगन का पीओएच भी होता है। पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी नितिन डेविड के अनुसार कारखाने को उर्जा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ-50001, गुणवत्तापूर्ण वेल्डिंग आवश्यकताओं के लिए आईएसओ 3834 तथा एक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सक्षम कार्य स्थल के लिए पांच-एस प्रमाणन भी मिला हुआ है।

आधुनिकीकरण और क्षमता वृद्धि कार्य का शिलान्यास करते मंत्रीद्वय।