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अतिक्रमण ने आधा किया मलवासा का तालाब, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

आजादी से पहले का 200 बीघा का तालाब, कभी पानी से लबालब रहने वाले मलवासा के इस तालाब ने गांव की तरक्की में अहम भूमिका...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:55 AM IST
आजादी से पहले का 200 बीघा का तालाब, कभी पानी से लबालब रहने वाले मलवासा के इस तालाब ने गांव की तरक्की में अहम भूमिका निभाई। सिंचित भूमि ने गांव के किसानों को समृद्ध बना दिया लेकिन तालाब खुद खाली हो गया- कारण, अतिक्रमण। अवैध कब्जों का शिकार तालाब सिमटकर 100 बीघा से भी कम का रह गया है, उसमें भी गाद है। 50 फीट चौड़ी नहर अतिक्रमण के कारण नाली में तब्दील हो चुकी है।

मलवासा तालाब की मोरी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। रिपेयर करने के लिए मिट्टी से ही भर दिया गया। मिटटी होने के कारण तालाब ओवर फ्लो होने की स्थिति में मोरी खोली नहीं जा सकती। बारिश में इसके फूटने का डर रहता है। पिछले कुछ सालों से गांव के लोग तालाब फूटने के डर से बारिश में पाल काटकर पानी निकाल देते हैं। इससे पाल कमजोर हो गई है। तालाब बारिश में पूरा भरता है लेकिन रिसाव के कारण खाली जल्द हो जाता है। 2016 में सिंचाई विभाग के एसडीओ रजनीकांत झामर ने इस तालाब का निरीक्षण किया। तालाब पुनर्जीवित करने की बातें की लेकिन बाद में वे लौटकर नहीं आए।

तालाब की दो फीट उंचाई व करीब 200 लंबाई वाली पाल पूरी तरह तोड़ दी गई है।

जिम्मेदार का उल्टा जवाब

जल संसाधन विभाग के एस. डी. ओ. यादवेंद्र जादौन से भास्कर प्रतिनिधि ने तालाब की दुर्दशा पर बात की। उनका जवाब उल्टा मिला। कहा- तालाब का गहरीकरण करना है तो गांव वालों को बोलिए, जनसहयोग से गहरीकरण करवा ले। छोटे-छोटे काम भी सरकार ही करेगी, क्या ? अतिक्रमण और सीमांकन के सवाल पर जादौन ने जवाब दिया- पुलिस में शिकायत करवा दीजिए, काम हाथों- हाथ हो जाएगा।

दो साल से मांग कर रहे हैं लेकिन काम कुछ नहीं हुआ

मलवासा के गणेश शर्मा, टीकम सिंह शक्तावत ने बताया की शासन छोटे छोटे तालाब निर्माण करवा रहा है लेकिन मलवासा के बड़े तालाब से गाद नहीं निकल पा रही है। अतिक्रमण बढ़ रहा है, तालाब का पुनर्सीमांकन भी नहीं किया गया।

मलवासा सरपंच रुस्तम पटेल ने बताया की 2016 में मैने सिंचाई विभाग एसडीओ कार्यालय मे तालाब गहरीकरण ओर जमीन सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। अधिकारियों को अवगत कराता रहा, एक ही जवाब मिलता है- तालाब गहरीकरण के लिए 74 लाख का प्रस्ताव शासन को भेज रखा है।

जल उपभोक्ता संस्था कमेड़ के अध्यक्ष राधेश्याम पाटीदार ने बताया की मलवासा और सिमलावदा तालाब गहरीकरण के लिए आवेदन दे रखे हैं। मलवासा, एेवरिया सिमलावदा, कमेड़ तालाब के सीमांकन व इनकी नहर पक्की करने की मांग 2 साल से की जा रही है लेकिन काम कुछ भी नहीं हुआ।