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झाबुआ के नागेश्वर किताबों की रॉयल्टी से मिलने वाली राशि से करवाते हैं कैैंसर मरीजों का इलाज

आलीराजपुर में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नागेश्वर सोनकेसरी द्वारा पद्यांश और तुकबंदी के रूप में लिखी किताब अब...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:55 AM IST
आलीराजपुर में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नागेश्वर सोनकेसरी द्वारा पद्यांश और तुकबंदी के रूप में लिखी किताब अब तक 5000 बिक चुकी है। खास बात यह है कि किताब की रॉयल्टी से होने वाली का उपयोग वे गरीब व जरूरतमंदों की बीमारों के उपचार में कर रहे हैं। हाल में उन्होंने कैंसर से जूझ रहे 12 साल के बालक रॉकी पिता निशांत दुबे के उपचार का बीड़ा उठाया है। रॉकी को इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है और उसकी कीमोथैरेपी की जा रही है। इसका पूरा खर्च सोनकेसरी ने उठाने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि सोनकेसरी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि किताब की रॉयल्टी से प्राप्त होने वाली आय को गरीबों के उपचार में करेंगे। वे इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती गरीब मरीजों को अपनी तरफ से नि:शुल्क दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराते रहे हैं।

 

भागवत कथा सुनाकर बालक का हौसला बढ़ा रही है मां

कैंसर से जूझ रहे बालक रॉकी को उसकी मां अस्पताल में रोजाना द भागवत-मौत से मोक्ष की कथा सुनाकर उसका हौसला बढ़ा रही है। रॉकी के पिता निशांत दुबे कहते हैं ऐसे अधिकारी बिरले होते हैं जो इस तरह किसी जरूरतमंद की मदद करें। उनके द्वारा लिखित किताब हमारा पूरा परिवार पढ़ रहा है। ऐसा लग रहा है मानों मेरे बच्चे को बीमारी से लड़ने की ऊर्जा मिल गई है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कर चुके हैं किताब की सराहना

‘अद्भूत श्रीमद भागवत गीता-मौत से मोक्ष की कथा’ किताब की सराहना आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कर चुके हैं। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक सहित कई अन्य लोग इस किताब का अध्ययन कर रहे हैं।