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जांच नाजुक दौर में है, खास उद्देश्यों का पता लगाने के लिए रिमांड जरूरी

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को पांच दिन के रिमांड पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 05:45 AM IST

जांच नाजुक दौर में है, खास उद्देश्यों का पता लगाने के लिए रिमांड जरूरी
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को पांच दिन के रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच अभी नाजुक दौर में है। साजिश का पता लगाने के लिए रिमांड जरूरी है। कोर्ट ने कार्ति को इजाजत दी है कि वह रोज सुबह-शाम एक-एक घंटा अपने वकील से मिल सकेंगे। उन्हें जरूरी दवाई दी जा सकती है। हालांकि, घर का बना खाना खाने की इजाजत नहीं होगी।

पटियाला हाउस कोर्ट के सीबीआई जज सुनील राणा से सीबीआई ने कार्ति का 14 दिन का रिमांड मांगा था। सीबीआई ने दावा किया कि कार्ति ने विदेश जाकर जो कुछ किया, उसके बारे में बहुत चौंकाने वाले सबूत हैं। उन्होंने वह बैंक खाते बंद करवा दिए, जिनमें उन्हें पैसा मिला था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच कई बार तीखी बहस हुई। कई मौकों पर जज को हस्तक्षेप करना पड़ा। अब सीबीआई 6 मार्च को कार्ति को पेश करेगी।

कार्ति के वकील ने कहा- कुंभकर्ण की तरह छह महीने बाद जागी सीबीआई

सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और कार्ति की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए। दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई सुनवाई शाम करीब पौने 6 बजे तक चली। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी तल्ख बहस हुई। पढ़िए कोर्ट रूम की कार्यवाही लाइव...

पीठ पर हाथ रख बोले चिदंबरम- बेटे! चिंता मत करो, मैं हूं ना

वकीलों में कई बार तीखी बहस, जज ने शांत कराया

तुषार मेहता (एएसजी): कार्ति का 14 दिन का रिमांड चाहिए। सीने में दर्द व बेचैनी के चलते रातभर अस्पताल में रहे। सुबह नाश्ता कराकर यहां ले आए। पूछताछ नहीं हो पाई।

अभिषेक मनु सिंघवी (कार्ति के वकील): सीबीआई आधे-अधूरे फैक्ट रख रही है। पूछताछ के लिए कुछ नहीं बचा।

मेहता: हिरासत में पूछताछ करनी है। चेस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कार्ति की कंपनी है। पता करना है कि एडवांटेज स्टेटिक प्रा. लि. किसकी है। दोनों का बैलेंस चेक करना है।

सिंघवी: सीबीआई की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। कार्ति 20-25 दिन से विदेश में थे। मद्रास हाईकोर्ट की इजाजत से गए थे। लौटते ही होली के गिफ्ट में गिरफ्तारी मिली।

मेहता: बदले की भावना नहीं, पुख्ता सबूत हैं। केस बेहद संवेदनशील है।

सिंघवी: आपके सवालों के जवाब अगस्त 2017 में ही दे दिए थे। कुंभकर्ण 6 महीने में एक बार जागता है। जांच एजेंसी ने भी 6 माह पहले की पूछताछ के बाद एकाएक कार्ति को गिरफ्तार कर लिया।

मेहता: केस में मोड़ तब आया, जब ईडी के छापे में हार्ड डिस्क मिली। इसमें इनवॉयस मिला। सीबीआई को आईएनएक्स मीडिया के दफ्तर में छापे में उसी इनवॉयस की हार्ड कॉपी मिली थी।

कोर्ट ने कहा- जांच शुरुआती और नाजुक दौर में है। सीबीआई ने कई सबूत होने का दावा किया है, जिनकी आगे जांच होने की जरूरत है। कोर्ट को लगता है कि इस केस में बड़ी साजिश और बाकी आरोपियों का पता लगाने के लिए दस्तावेज, सबूत, गवाह और 6 आरोपियों से आमना-सामना करवाना जरूरी है। इसलिए रिमांड जरूरी है।

सुनवाई के बीच अवकाश के दौरान पी चिदंबरम ने बेटे की पीठ पर हाथ रखकर हौसला देते हुए कहा, बेटे! चिंता मत करो, मैं हूं ना। कोर्ट से निकलने के दौरान कार्ति एक दोस्त से तमिल में बात कर रहे थे।

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Web Title: जांच नाजुक दौर में है, खास उद्देश्यों का पता लगाने के लिए रिमांड जरूरी
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