• Hindi News
  • Mp
  • Ratlam
  • जिले में कुपोषित बच्चे 21 हजार, अतिकुपोषित 1900, पोषण पुनर्वास केंद्र में केवल एक ही भर्ती
--Advertisement--

जिले में कुपोषित बच्चे 21 हजार, अतिकुपोषित 1900, पोषण पुनर्वास केंद्र में केवल एक ही भर्ती

जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या 21 हजार है जबकि अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 1900 है। बावजूद मंदसौर के जिला स्तरीय...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 05:45 AM IST
जिले में कुपोषित बच्चे 21 हजार, अतिकुपोषित 1900, पोषण पुनर्वास केंद्र में केवल एक ही भर्ती
जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या 21 हजार है जबकि अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 1900 है। बावजूद मंदसौर के जिला स्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र में 20 बेड होने के बाद भी केवल एक ही बच्चा एडमिट है। ऐसी ही स्थिति जिले के 10-10 बेड वाले अन्य 6 केंद्रों पर भी है। जहां कहीं 2 तो कहीं अधिकतम 4 बच्चे ही भर्ती हैं। इधर, अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर बच्चों के परिजन फसल कटाई में व्यस्त होने से इन दिनों बच्चों को भर्ती नहीं करा रहे।

जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में 20 बेड होने के बाद भी गुरुवार को केवल एक ही बच्ची एडमिट थी। केंद्र पर 16 माह की बालिका गुंजन एडमिट रही। इसका उम्र के मान से वजन करीब डेढ़ किलो तक कम है और लंबाई भी औसत से कम। कमजाेर काया होने के बीच उनकी मां पूजादेवी ने कदमाला से यहां लाकर भर्ती कराया है। 15 दिन के कोर्स में हेल्दी फूड, दूध, फल, प्रोटीन से लेकर आवश्यक विटामिन तक दिए जाएंगे। संविदाकर्मियों की हड़ताल के कारण भी बच्चों की उपस्थिति पर असर आया है। कुपाेषितों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार विभाग भी लापरवाही बरत रहे हैं।

कुपोषण

मंदसौर समेत जिले के 7 पाेषण पुनर्वास केंद्र में अधिकतम 4 बच्चों से ज्यादा दर्ज नहीं

6 माह से लेकर 5 साल तक के बच्चों काे करते भर्ती

जिले के 7 पाेषण पुनर्वास केंद्र में से मंदसौर में 20 बेड की व्यवस्था है जबकि अन्य 6 केंद्रों पर 10-10 बेड हैं। यहां 6 माह से लेकर 5 साल तक के बच्चों को एडमिट किया जाता है। शारीरिक विकास को लेकर डाइट व परामर्श भी दिया जाता है। महिला अटैंडर के रहने की भी व्यवस्था होती है। 150 रुपए करीब भत्ता भी दिया जाता। बच्चों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, खिलौने भी हैं। टीवी भी लगी है जिसके बाद भी बेड खाली हैं।

कर्मचारियों की हड़ताल व फसल कटाई जैसे कारण प्रमुख


X
जिले में कुपोषित बच्चे 21 हजार, अतिकुपोषित 1900, पोषण पुनर्वास केंद्र में केवल एक ही भर्ती
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..