Hindi News »Madhya Pradesh »Ratlam» आप किसी के जीवन में कैसे रंग भर सकते हैं?

आप किसी के जीवन में कैसे रंग भर सकते हैं?

अपने पिछले जॉब में वे रायपुर स्थित एक बड़े अस्पताल में काम करते थे। यह सिर्फ 16 माह पहले की बात है। इसके पहले वे कई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 05:45 AM IST

आप किसी के जीवन में कैसे रंग भर सकते हैं?
अपने पिछले जॉब में वे रायपुर स्थित एक बड़े अस्पताल में काम करते थे। यह सिर्फ 16 माह पहले की बात है। इसके पहले वे कई मेट्रो शहरों में काम कर चुके थे। लेकिन, आज उनके और उनकी प|ी के पास नियमित जॉब नहीं है। हालांकि, वे अत्यंत व्यस्त हैं। आपको उनकी सेवाएं कम से कम अगले तीन माह तक नहीं मिल सकती, क्योंकि उनकी प्रतीक्षा सूची यही कहती है!

जब उन दोनों के पास नियमित जॉब था तब उनके ध्यान में यह बात आई थी कि कन्जेनिटल हार्ट डिसीज (सीएचडी) पैदाइशी गड़बड़ियों में सबसे आम है, जो भारत में पैदा होने वाले 100 शिशुओं में से दो को प्रभावित करती है और इसके कारण सालाना 78,000 शिशुओं की मौत हो जाती है। कई सीएचडी मामलों के बहुत कम या कोई लक्षण नज़र नहीं आते और प्राय: शिशु के काफी बड़े होने तक उसका पता नहीं चलता। खराबी के प्रकार, उसकी गंभीरता, बच्चे की उम्र और सेहत के हिसाब से इलाज में दवाइयां, कैथेटर प्रोसीजर, सर्जरी और हृदय प्रत्यारोपण तक शामिल होता है। इन चकित करने वाले आंकड़ों ने इस डॉक्टर युगल को विचलित कर दिया, जबकि उनके सामने फलता-फूलता कॅरिअर था। रोज जब वे रोगियों के परिजनों को सर्जरी के लिए पैसा जुटाने के लिए संघर्ष करते और स्थानीय डॉक्टरों से सिर्फ लक्षणों का इलाज कराते देखते तो अपना ऊंची तनख्वाह वाला जॉब छोड़ने पर विचार करने पर मजबूर हो जाते।

आखिरकार, एक दिन उन्होंने रायपुर का जॉब छोड़ दिया और मदुराई चले गए, जो उनकी प|ी का गृहनगर था और सीएचडी से पीड़ित वंचित बच्चों को वित्तीय और मेडिकल मदद मुहैया कराने के लिए ‘लिटिल मोपेट हार्ट फाउंडेशन’ स्थापित किया। जब दुनिया 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मना रही थी तो युवा डॉक्टर युगल पेडियाट्रिक कार्डिएक सर्जन डॉ. गोपी नल्लैयन और इंडस्ट्रियल हैल्थ फिजिशियन डॉ. हेमाप्रिया नल्लैयन मदुराई में एक सर्जरी को अंजाम देकर चुपचाप वर्ल्ड कन्जेनिटल हार्ट डिसीज़ अवैयरनैस डे मना रहे थे। मदुराई आने के बाद के पिछले 16 माह में यह उनकी मुफ्त में की गई 102वीं हार्ट सर्जरी थी।

उनका काम यहीं तक सीमित नहीं है। सर्जरी के अपने कौशल से इस युगल ने बिना शुल्क लिए न सिर्फ कई डिफेक्टिव हार्ट ठीक कर दिए बल्कि वे क्राउड फंडिंग के जरिये पैसा भी जुटाते हैं ताकि रोगी के परिजनों को इलाज में एक पैसा भी न लगे, क्योंकि अपने इस नेक काम में उन्हें कुछ अन्य हॉस्पिटल सेवाएं भी लेनी पड़ती हैं। इस तरह वे अपने काम को और भी नेक बना देते हैं। वरना इस प्रकार की सर्जरी में सर्जरी बाद की देखभाल व इलाज सहित 1.5 से 3.5 लाख रुपए तक लग जाते हैं।

वे अपने संभावित रोगियों की पहचान कैसे करते हैं? सबसे पहले उन्होंने शहर के तीन स्कूलों से करार किया और 15 वर्ष की उम्र तक के 4,500 छात्रों की स्क्रीनिंग की। इनमें से 20 छात्रों को सर्जरी से गुजरना पड़ा। चूंकि डॉ. हेमाप्रिया इंडस्ट्रियल हैल्थ फिजिशियन हैं तो उन्होंने इंडस्ट्री द्वारा प्रायोजित कैम्प लगाए। यहां पर काउंसलिंग सेशन के जरिये ज्यादातर रोजंदारी पर काम करने वाले गरीब ग्रामीणों को कैम्प में आकर अपने बच्चे की जांच कराने के महत्व का अहसास कराया जाता है। ‘मुफ्त इलाज’ यह शब्द बच्चे को जल्दी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, ताकि बच्चा या बच्ची सर्जरी लायक अवस्था में हो।

अब तक उन्होंने मदुराई व आसपास के इलाके में 14 कैम्प लगाकर करीब 15 हजार रोगियों की जांच की है और हर कैम्प में सीएचडी कंडिशन वाले 30 से 40 बच्चों का पता चला। अब यदि आप यह सोच रहे हैं कि इस युगल का काम कैसे चलता है तो इसका जवाब भी है। डॉ. हेमाप्रिया शिशुओं के लिए हैल्थ फूड का बिज़नेस (लिटिल मोपेट फूड्स) चलाती हैं। वे कसंल्टेंट के रूप में सेवाएं देते हैं और जब, जैसा समय मिलता है अथवा जब उन्हें पैसे की जरूरत होती है तो पैसे लेकर भी कुछ सर्जरी करते हैं!

एन. रघुरामन

मैनेजमेंट गुरु

raghu@dbcorp.in

फंडा यह है कि  कुछ चेहरे पर रंग लगाते हैं, कुछ कपड़ों पर रंगों की बौछार करते हैं, कुछ खून के रंग में जान फूंक देते हैं और उसे एक स्वस्थ शरीर में दौड़ता देखते हैं। यह होली मनाने का एक और लेकिन, नेक तरीका है, जो पूरे साल मनाया जाता है।

मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए टाइप करें FUNDA और SMS भेजें 9200001164 पर

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Madhya Pradesh News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: आप किसी के जीवन में कैसे रंग भर सकते हैं?
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Ratlam

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×