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रतलाम में अपने आका मौला की एक झलक पाने हजारों लोग स्टेशन पहुंचे, इमाम हुसैन की शहादत पढ़ते-पढ़ते भावुक हुए धर्मगुरु

बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब रात करीब साढ़े 5 बजे रतलाम पहुंचे

Danik Bhaskar | Sep 06, 2018, 11:41 AM IST

रतलाम. बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब गुरुवार को मुंबई से अवंतिका एक्सप्रेस से रतलाम होते हुए उज्जैन पहुंचे। अलसुबह करीब साढ़े 5 बजे वे रतलाम पहुंचे, जहां हजारों की संख्या में आका मौला के दीदार को पहुंचे समाजजनों के समक्ष उन्होंने इमाम हुसैन की शहादत पढ़ी। शहादत पढ़ते हुए वे भावुक हो गए। आका को भावुक देख समाजजनों की आंखें झलक आईं।

धर्मगुरु के आने की जानकारी लगते ही देररात से समाजनों के स्टेशन पर आने का सिलसिला शुरू हो गया था। आका मौला के दीदार सभी को हो सके इसके लिए प्लेटफार्म नंबर 4 पर एक मंच बनाया गया था। साथ ही माल गोदाम तक रैंप बनाया गया था, धर्मगुरु रैंप पर चलते हुए मंच पर विराजमान हुए और समाजजनों आशीर्वाद दिया।

धर्मगुरु ने समाजजनों से कहा कि हम जिस देश में रहते हैं, उस देश के लिए इमानदार रहें। इमाइ हुसैन की शहादत पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि मोहर्रम के दौरान 10 दिनों तक इमाम हुसैन का गम करना है। शहादत पढ़ने के दौरान धर्मगुरु भावुक हो गए और उनकी आंखें भी नम हो गईं। आका को भावुक देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भीग गईं। धर्म गुरु के आने की जानकारी एक दिन पहले ही लगने से रतलाम के अलावा मंदसौर, नीमच सहित मप्र से सटे राजस्थान के जिलों से भी लोग यहां पहुंचे।